लंदन : रूपर्ट मर्डोक ने न्यूज ऑफ द वर्ल्ड में फोन हैकिंग मामले में सही समय पर हस्तक्षेप कर पाने में नाकाम रहने पर खेद जताया और अपनी कंपनी के बंद हो चुके अखबार में कुछ कर्मियों की लीपापोती का खुद को पीडि़त बताया। लेविसन आयोग के समक्ष अपनी दूसरी पेशी में 81 साल के मर्डोक ने कहा कि उन्हें न्यूज ऑफ द वर्ल्ड में इतने बड़े पैमाने पर अनैतिक तरीकों से खबर जुटाने की जानकारी नहीं थी।
फोन हैकिंग मामले को अपने पक्ष में मोड़ने की मांग करते हुए मर्डोक ने कहा कि अखबार के कुछ कर्मियों ने लीपापोती की लेकिन उन्होंने आरोपों की गंभीरता को पहचान नहीं पाने के लिए खेद जताया। अपने न्यूजरूम में फैली संस्कृति के गहरे होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दावा किया कि इस सड़न को पहले रोक पाने में नाकाम रहने के लिए वह क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने इसे शेष जीवन के लिए अपनी प्रतिष्ठा पर गहरा दाग बताया।
अपने पिता से 1952 में मिली ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनी को अरबों पाउंड के मीडिया साम्राज्य में बदलने वाले मर्डोक ने अपने दर्शन का उल्लेख करते हुए बताया कि फोन हैकिंग के बाद सुधारात्मक उपाय किए गए और कहा, अब हम पूरी तरह से एक नई कंपनी हैं। ब्रिटेन के कई प्रधानमंत्रियों के साथ करीबी संबंधों को लेकर विख्यात और अपने अखबारों के शीर्षक के माध्यम से राजनीति में खासा दखल देने वाले मर्डोक ने हालांकि राजनीतिकों के साथ सालों के अपने संबंधों को कमतर बताया और जोर देकर कहा कि उन्होंने किसी प्रधानमंत्री से कोई लाभ नहीं मांगा। माग्रेट थैचर के प्रति प्रशंसा को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, मैंने किसी प्रधानमंत्री से कोई मांग नहीं की। यह कोरी कल्पना है। (एजेंसी)





