आज कई अखबारों में सहारा की तरफ से विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया है. इस विज्ञापन में सहारा प्रबंधन ने अपने स्टाफ को साठ फीसदी सेलरी इनक्रीमेंट दिए जाने की घोषण की है. कहा गया है कि इस इनक्रीमेंट के बाद सहाराकर्मियों की सेलरी केंद्रीय कर्मचारियों के स्तर की हो गई है. विज्ञापन में दावा है कि पिछले तीन साल में तीन बार इनक्रीमेंट लगा और इसके जरिए वेतन वृद्धि सौ फीसदी को पार कर गई है.
विज्ञापन में और भी कई बातें, जानकारियां, सूचनाएं दी गई हैं. सहारा प्रबंधन ने स्टाफ को सेलरी इनक्रीमेंट देकर और इस बात का जमकर प्रचार करके अपनी पाजिटिव ब्रांडिंग की है. ऐसे दौर में जब बड़े से बड़े मीडिया संस्थान अपने स्टाफ को पैसे देने के मामले में बेहद कंजूसी दिखाते हैं, सहारा प्रबंधन ने खुले दिल से सेलरी इनक्रीमेंट देकर और इसकी सूचना विज्ञापन के जरिए देश भर के लोगों तक पहुंचाकर एक नए व अच्छे ट्रेंड की शुरुआत की है. इसके लिए सहारा प्रबंधन को दिल से बधाई दी जानी चाहिए.
जबरदस्त आंतरिक राजनीति और कई तरह के विवादों-पचड़ों में फंसे रहने वाले सहारा ग्रुप ने अपने इस एक कदम से अपने स्टाफ का भरोसा और निष्ठा जीता है साथ ही इंडस्ट्री को संदेश दिया है कि सब कुछ अच्छा करने और बड़ा गोल एचीव करने के लिए अपने वर्कर्स को खुश रखना बेहद जरूरी है. सहारा प्रबंधन को इस कदम के लिए बधाई. उम्मीद करते हैं कि दूसरे मीडिया हाउस भी सहारा से सबक लेंगे. राष्ट्रीय सहारा समेत कई अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन इस प्रकार है—






