(कानाफूसी) अरविंद केजरीवाल ने अगर अपना कोई मीडिया हाउस खोला होता तो अब तक वह सबको पछाड़ चुका होता. पर उन्हें राजनीति करने की पड़ी है, और वह भी सिर्फ दिल्ली विधानसभा की, इसलिए वह भंडाफोड़ करके सारा मसाला मीडिया वालों के हाथों में थमा देते हैं और मीडिया वाले पूरे दिन इसी मसाले पर खेलते रहते हैं. काफी दिनों से केजरीवाल ने भंडाफोड़ नहीं किया है. लेकिन उनके यहां डाक्यूमेंट्स पहुंचने का क्रम जारी है.
टीम केजरीवाल से जुड़े एक महत्वपूर्ण व्यक्ति ने जानकारी दी कि उनके पास एक बड़े पुलिस अधिकारी और एक खिलाड़ी मंत्री जी के स्विस बैंक एकाउंट के डिटेल पहुंच चुका है. इस डाक्यूमेंट्स की सत्यता की पुष्टि की जा रही है. अगर सब कुछ सही निकला तो इसे सार्वजनिक किया जाएगा. इन्हीं ने यह भी बताया कि उनके पास एक मीडिया मालिक मंत्री जी के पास चार सौ करोड़ रुपये कमीशन पहुंचाने के खेल के भी डाक्यूमेंट्स पहुंचे हैं. इसका भी अध्ययन कराया जा रहा है.
पर सवाल ये है कि क्या ये डाक्यूमेंट्स सिर्फ टीम केजरीवाल के पास पहुंचे हैं, बड़े बड़े मीडिया हाउसों के पास नहीं? अगर बड़े बड़े मीडिया हाउसों के पास ये डाक्यूमेंट्स पहुंचे हैं तो ये मीडिया हाउस क्यों नहीं इस पर खबर दिखाते हैं. वे क्यों अरविंद केजरीवाल के द्वारा खुलासा किए जाने का इंतजार करते हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि सारे मीडिया हाउस शीर्ष लेवल के भ्रष्ट लोगों से इतने ओबलाइज, इतने धन पाए हुए हैं कि वे खुद के पहल पर ब्रेकिंग न्यूज नहीं दिखाना चाहते ताकि 'विश्वासघात' का तोहमत न लग पाए. इसी कारण वे चाहते हैं कि खेल कोई दूसरा शुरू करे और बाद में वे कबड्डी कबड्डी कहते हुए कूद पड़ें.
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