जनपद बदायूं में पीटीआई/भाषा के लिए रिपोर्टिंग करने वाले आशु बंसल की गर्दन कानूनी फंदे में फंस गई है। न्यूज-24 चैनल के रिपोर्टर के विरुद्ध फर्जी व मनगढ़ंत मेल भेजने के मामले में आशु बंसल के नाम का खुलासा होने से सभी पत्रकार स्तब्ध हैं।
बताया जाता है कि न्यूज-24 के रिपोर्टर विकास साहू के विरुद्ध उसके चैनल के बड़े अधिकारियों के नाम लंबे समय से किसी के द्वारा लगातार मेल भेजे जा रहे थे। शुरू में अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, लेकिन जब अति हो गई और एक-एक दिन में कई-कई मेल पहुँचने लगे, तो चैनल के अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच कराई।
मामला फर्जी प्रतीत होने पर चैनल के अधियारियों ने पूरा प्रकरण विकास साहू को समझाते हुये मेल भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने को कहा। विकास ने मेल संबंधी पूरी जानकारी तत्कालीन एसएसपी मंज़िल सैनी को दी, तो उन्होंने पूरा प्रकरण साइबर टीम के हवाले कर दिया। साइबर सेल आगरा ने जीमेल के कैलीफोर्निया स्थित ऑफिस से संपूर्ण जानकारी मंगाई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए।
विकास की तहरीर पर 19 जून 2012 को सदर कोतवाली पुलिस ने अजीत कुमार सिंह नाम के व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में अजित कुमार सिंह नाम फर्जी पाया गया है। मेल आईडी भी फर्जी पाई गई। आशु बंसल के मेल के सहारे उनके बेटे रचित बंसल की आईडी बनाई गई है और रचित बंसल की आईडी से spsinghbadaun@gmail।com नाम की फर्जी आईडी, साथ ही जिस कंप्यूटर व नेट से मेल किया गया है, वह कंप्यूटर व नेट उनका ही पाया गया है।
हालांकि वह खुद को निर्दोष ही बता रहे हैं, पर सभी साक्ष्य उन्हें फिलहाल कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। पुलिस ने विवेचना पूरी कर उनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी है। उधर अन्य पत्रकारों के कार्यालयों में भी आए दिन इसी तरह के मेल पहुँचते रहते हैं, इसलिए इस प्रकरण के खुलासे से बाकी पत्रकार स्तब्ध हैं।





