वाराणसी। विगत दिनों वाराणसी के महाश्मशान घाट मर्णकर्णिका घाट पर 'लाशों पर लगता है सट्टा' की खबर प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद वाराणसी पुलिस द्वारा पत्रकारों पर किये गए मुकदमे को लेकर वाराणसी के मीडिया कर्मियों में काफी रोष है। एक आपात बैठक बुलाते हुए एक स्वर से विरोध प्रकट करते हुए कहा कि यह एसएसपी अजय मिश्र के मानसिक रोगी होने का परिचय है तथा अपराध न रोके पाने के कारण बदले की भावना से कार्यवाही कर रहे हैं।
इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मियों की आपात बैठक सिगरा स्थित शहीद उद्यान में आहूत की गयी है, जिसमें सभी इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मियों ने एसएसपी अजय मिश्र के द्वारा खबर दिखाए जाने के बाद की गयी पुलिसिया कार्यवाही को चौथे स्तम्भ पर हमला बताया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आसिफ और काशीनाथ शुक्ल को पूरी क़ानूनी मदद की जायेगी। बैठक में बोलते हुए सहारा समय के ब्यूरो इंचार्ज निमेश राय ने कहा कि एसएसपी अपराध रोकने में पूरी तरह से असफल हैं और जब मीडिया सच सामने ला रहा है तो बदले की भावना से कार्यवाही करते हुए एसएसपी अजय मिश्र पत्रकार और उनके परिवार का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसका मुंह तोड़ जबाव मीडिया दे रही है।
जी न्यूज़ के ब्यूरो इंचार्ज अमित सिंह ने कहा की बेलगाम हो चुके एसएसपी को चौथे स्तम्भ हमला करने का कोई हक़ नहीं है, एसएसपी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही कर रहे हैं। ई टीवी के ब्यूरो प्रभारी शरद दीक्षित ने कहा की पुलिस चाहे जितना पत्रकारों का उत्पीड़न कर लें, लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं। समाज के सामने सच लाने का काम जारी रखेंगे और एसएसपी अजय मिश्र को इसका मुंहतोड़ जबाव दिया जायेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और एएनआई के संवाददाता गिरीश दुबे ने कहा कि जिस प्रकार एसएसपी ने बदले की कार्रवाई की है उससे लगता है कि प्रदेश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। न्यूज़ स्ट्रीट के राम सुंदर मिश्र और एबीपी न्यूज़ से संतोष चौरसिया, इंडिया टीवी से शैलेश चौरसिया, ईटीवी से दिनेश मिश्र, देवेश श्रीवास्तव, अमित मुखर्जी, ओंकार शर्मा, विकास गौड़ आजतक से नवीण पाण्डेय आदि वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि एसएसपी अजय मिश्र चाहे जितना उत्पीड़नात्मक कार्यवाही करें, लेकिन हम सब सच लाने का काम जारी रखेंगे। साथ ही एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री से मिलकर पूरी घटना से अवगत करते हुए किसी अन्य न्यायिक जाँच की मांग करेंगे।
पत्रकार राम सुंदर राजू के एफबी वॉल से साभार.






