यशवंत जी, मैं आपका ध्यान इस मेल साथ अटैच वीडियो की ओर आकृष्ट करना चाह रहा हूँ. हमेशा से ही इलेक्ट्रानिक मीडिया पर यह आरोप लगाया जाता है कि विजुअल को सनसनीखेज बनाने के लिए खबरों दृश्यों को मैनेज किया जाता है लेकिन यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि प्रमुख अखबारों के फोटोग्राफर भी अपनी फोटो को आकर्षक सनसनीखेज बनाने का हर प्रयास करते हैं.
यह वीडियो वाराणसी के विद्यापीठ के बाहर हुए हंगामे का है. इस हंगामे में कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए थे. इस वीडियो में दैनिक जागरण आई नेक्स्ट राष्ट्रीय सहारा ज़नसंदेश टाईम्स आज एचटी आदि के फोटो जर्नलिस्ट तस्वीर को ज्यादा जोरदार बनाने के लिए क्या कर रहे हैं, आप खुद देख सकते हैं. आखिर इन लोगों को यह सब क्यों करना चाहिए? मजेदार है कि इनके द्वारा प्रायोजित करके बनाई गई ईंटों वाली फोटो दैनिक जागरण अखबार में फ्रंट पेज पर छपी है. अखबार की कटिंग भी भेज रहा हूं.
ये है दैनिक जागरण अखबार में छपी तस्वीर, जिसमें साफ दिख रहा है कि कार पर ईंट है, लेकिन ये ईंट हंगामा करने वालों का नहीं है, ये ईंट फोटोग्राफरों ने कार पर रखवा कर तस्वीर ली है…

फोटोग्राफरों की इस करतूत को वीडियो में भी कैद कर लिया गया है, वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
http://bhadas4media.com/video/viewvideo/750/media-world/varanasi-ke-photographers-ki-kartut.html
वाराणसी से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





