बनारस में महाश्मशान पर लाशों को सट्टा लेकर कुछ चैनलों एक खबर प्रसारित किया था, जिसको पुलिस ने प्रायोजित खबर बताया था. इस मामले को लेकर एसएसपी ने सीआरपीसी 160 के तहत पत्रकारों को नोटिस भी जारी किया था.
कई पत्रकारों ने इस मामले में अपना बयान दर्ज कराया, लेकिन पुलिस न्यूज नेशन के पत्रकार को प्रताडि़त करना शुरू कर दिया. इसके बाद उनकी गर्भवती पत्नी के साथ भी पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया, जिसकी शिकायत पत्रकार राम सुंदर मिश्र ने महिला आयोग की अध्यक्ष से की है. नीचे महिला आयोग को भेजा गया पत्र..
सेवा में
माननीय श्रीमती ममता शर्मा जी
अध्यक्ष रास्ट्रीय महिला आयोग
नयी दिल्ली
विषय – वाराणसी पुलिस द्वारा पत्रकार के गर्भवती पत्नी के साथ मार पीट करने तथा गली गाली गलौज करने के विषय में!
महोदय,
सादर करबद्ध प्रार्थना के साथ अवगत करा रहा हूँ कि उपरोक्त संलग्न फाईल वाराणसी के एक इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार काशी नाथ शुक्ल के पत्नी कंचन शुक्ल की है। काशी नाथ शुक्ल पेशे से पत्रकार हैं, इसलिए मेरी भी नैतिक और व्यवहारिक जिम्मेदारी बनती है कि इस विपरीत परिस्थितियों में काशीनाथ शुक्ल के परिवार के साथ खड़े रहें। महोदया वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र द्वारा पहले तो पत्रकारों को थाने बुलाकर प्रताड़ित किया गया। उसके बाद पत्रकारों के परिवार वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
महोदया छोटे में आपको अवगत कराना चाहूंगा कि काशी नाथ शुक्ल ने एक खबर नेशनल न्यूज चैनल पर शीर्षक "वाराणसी में लाशों पर सट्टा" से चलाया, जिसमें ये दिखाया गया कि एक घंटे में कितनी लाश घाटों पर आने पर शर्त लगाई जाती है। उस खबर को न्यूज़ नेशन चैनल ने दिनांक 21 मई को प्रसारित किया। इसके बाद अन्य चैनल सहारा समय उत्तर प्रदेश, जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश, समाचार प्लस आदि अन्य चैनलों ने खबर प्रसारित की। दिनांक 23 मई को सहारा समय उत्तर प्रदेश ने समाचार प्रसारित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र का फ़ोनो लाइव लेते हुए सवाल जबाव लेते हुए कई सवाल किये, जिससे खफा होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कई चैनलों को 160 सीआरपीसी की नोटिस दे दी।
नोटिस प्राप्त सभी मीडियाकर्मियों ने अपना अपना बयान दर्ज कराया, उसके बाद भी चौक पुलिस द्वारा मीडिया कर्मियों को एसएसपी के निर्देश पर घंटों थाने बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, इसके अलावा वाराणसी पुलिस ने न्यूज़ नेशन के स्ट्रिंगर काशी नाथ शुक्ल को बार-बार थाने बुलाकर प्रताड़ित करने लगी, जिसके कारण काशी शुक्ल ने घर छोड़कर चला गया। काशी नाथ शुक्ल के घर छोड़कर जाने के बाद पुलिस अब काशी नाथ शुक्ल के परिजनों को प्रताड़ित कर रही है, सबसे बड़ा दुखद ये है कि काशी नाथ शुक्ल की पत्नी गर्भवती है और उसका अंतिम माह चल रहा है। पुलिस द्वारा बार बार घर में घुसकर प्रताड़ित करते हुए महिलाओं के साथ गाली गलौज और मारपीट की जा रही है, जिसके कारण काशी नाथ शुक्ल की पत्नी बार बार बेहोश हो जा रही है, उसके बार बेहोश होने से गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ उसका भी खतरे में है।
ऐसे में आपसे अनुरोध के साथ कहना चाहूंगा कि पत्रकारों द्वारा खबर दिखाए जाने से नाराज एसएसपी अजय मिश्र द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों के साथ उसके परिजनों को भी प्रताड़ित करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ उसके माँ का भी जीवन बचाया जा सके।
प्रतिलिपि –
1. राज्य महिला आयोग
2.पुलिस महानिदेहक उत्तर प्रदेश
3. अपर पुलिस महानिदेशक,ला & आर्डर ,उत्तर प्रदेश
4 .पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी
प्रार्थी
राम सुंदर मिश्र
पत्रकार
9918701615,9336933552








