बरनाला में दैनिक भास्कर के दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला करने के मुख्य आरोपी राम कुमार व्यास को बरनाला पुलिस ने 19 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को रविवार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी मीडिया कर्मियों व विभिन्न संगठनों की ओर से 13 मई को एसएसपी कार्यालय के समक्ष दिए जाने वाले धरने को देखते हुए की गई।
रविवार सुबह से ही डीएसपी स्वर्ण सिंह खन्ना व थाना सिटी के प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार व थाना सदर के प्रभारी नवदीप सिंह के नेतृत्व में भारी तादाद में पुलिस पार्टी ने नामजद आरोपी पनग्रेन के इंस्पेक्टर व आरएसएस के नेता राम कुमार व्यास को गिरफ्तार करने की कवायद शुरू कर दी थी। इसकी भनक लगते ही आरोपी रेलवे स्टेशन के निकट प्राचीन शिव मंदिर में छुप गया। पुलिस मंदिर के बाहर खड़ी रही, परन्तु जब वह बाहर नहीं आया तो वापस लौट गई।
पुलिस के लौटने के बाद आरोपी अपने घर के लिए निकाल, लेकिन उस पर अपनी निगाह जमाई पुलिस ने उसे उसे बीच रास्ते में दबोच लिया। एसपी (डी) बलराज सिंह सिद्धू ने आरोपी के खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास के जुर्म को हटाए जाने के बारे में बस इतना ही कहा कि यह जांच का मामला है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ असला एक्ट की धारा भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि मामले की तफ्तीश जारी है, अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पत्रकार जतिंदर देवगन व हिमांशु दुआ को 24 अप्रैल को राम कुमार व्यास ने अनाज मंडी में बुलाकर जान से मारने की नीयत पहले जमकर मारा पीटा। इसके बाद हाथ-पांव बांधकर दुकान में बंद कर दिया था। किसी तरह इन लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने ही इन दोनों को दुकान से निकाला। पुलिस ने आरके व्यास के अलावा भाजपा के जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष धीरज दद्धाहूर, युवा नेता नीरज जिंदल, दीपक राय, मोहित बांसल, जुनिंदर जोशी व अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। परन्तु राजनीतिक दबाव में पुलिस ने उक्त धारा हटा दी और गिरफ्तारी में भी टालमटोल करती रही।
आरोपियों के खिलाफ कार्रंवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने संघर्ष का बिगुल बजा दिया था। पत्रकारों ने जिले के सिविल व पुलिस प्रशासन सहित शिअद व भाजपा की कवरेज का भी बायकाट कर दिया था। हालांकि पत्रकार पुलिस की लापरवाह रवैये से आहत हैं। इसलिए पीड़ित पत्रकारों को इंसाफ दिलाने के लिए गठित एक्शन कमेटी ने कहा कि 13 मई को एसएसपी कार्यालय के सामने अनाज मंडी में धरना दिया जाएगा। आरोपियों को सजा तथा पत्रकारों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।






