बरेली में दैनिक जागरण ने छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों द्वारा लेबर कोर्ट में किए गए केस में हाई कोर्ट से स्टे ले लिया है. कोर्ट ने लेबर कमिश्नर तथा पूर्व कर्मचारियों ने जुलाई के दूसरे सप्ताह तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. खबर है कि कोर्ट ने यह स्टे टेक्निकल आधार पर दिया है.
गौरतलब है कि दैनिक जागरण प्रबंधन ने बरेली में कार्यरत रहे निर्भय सक्सेना, अरुण द्विवेदी, रमेश चंद्र राय, सुधांशु श्रीवास्तव एवं नवीन द्विवेदी समेत कुछ अन्य कर्मचारियों से जबरिया इस्तीफा ले लिया था. इन लोगों को छंटनी का शिकार बना दिया गया था. इसके बाद ये लोग लेबर कोर्ट में दैनिक जागरण प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. बताया जा रहा है कि श्रम विभाग ने इन लोगों के पक्ष में जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है, जागरण उसी के आधार पर यह स्टे लिया है.
मामला लेबर कोर्ट एक्ट के टेन सी में कर दिया है, जिस पर जागरण प्रबंधन ने हाई कोर्ट के सिंगल बेंच को यह बताते हुए स्टे ले लिया है कि यह धारा उनपर लागू नहीं होता है. बताया जा रहा है कि कोर्ट ने पीडि़त कर्मचारियों ने जुलाई के दूसरे सप्ताह तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है. इन पूर्व कर्मचारियों द्वारा अपना पक्ष रखे जाने के बाद कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा.





