Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

उत्तराखंड

बहुगुणा सरकार की दिलचस्‍पी आम लोगों को बचाने में नहीं है

Shambhunath Shukla : उत्तराखंड की तबाही प्राकृतिक आपदा कम सरकार की लाई हुई आपदा ज्यादा है। विकास के नाम पर पहाड़ों को तोडऩे और लगातार खुदाई करने का यही हश्र होना था। मरने वालों की संख्या यकीनन हजारों में रही होगी। ऋषिकेश में यात्री बसों का रजिस्ट्रेशन तो होता है पर यात्रियों की संख्या का नहीं पता चलता। इसके अलावा जो लेाग अपने वाहनों से जाते हैं उनका कोई रिकार्ड नहीं है।

Shambhunath Shukla : उत्तराखंड की तबाही प्राकृतिक आपदा कम सरकार की लाई हुई आपदा ज्यादा है। विकास के नाम पर पहाड़ों को तोडऩे और लगातार खुदाई करने का यही हश्र होना था। मरने वालों की संख्या यकीनन हजारों में रही होगी। ऋषिकेश में यात्री बसों का रजिस्ट्रेशन तो होता है पर यात्रियों की संख्या का नहीं पता चलता। इसके अलावा जो लेाग अपने वाहनों से जाते हैं उनका कोई रिकार्ड नहीं है।

हजारों तो कारें बाढ़ में समा गई हैं तो उनकी सवारियां बची थोड़ी ही होंगी। जिनकी हैसियत २०-२२ लाख खर्च कर प्राइवेट हेलीकॉप्टर कर लेने की है वे तो बच जाएंगे पर जो बेचारे बद्री केदार तीर्थाटन के नाते गए थे उनके पास तो इतना पैसा नहीं होता कि बस गायब हो जाने पर वे दूसरी बस कर सकें। पहले जो भी बद्री केदार दर्शनों के लिए जाता था। वो अपने सारे रिश्ते-नातेदारों से मिल लेता था कि पता नहीं लौटना नसीब में होगा या नहीं। हमारी तरफ एक कहावत है-

जाय जो बद्री वो लउटे न उद्री, औ लउटे जो उद्री तो होय न दलिद्दरी।

यानी एक तो बद्री केदार जाने वाला लौट नहीं पाता है। और अगर खुदा न खास्ता लौट आया तो फिर वह दलिद्दरी तो नहीं होगा। पुरानी कहावत है जब लोग पैदल जाते थे और महीनों यात्रा कर बद्री केदार पहुंच पाते थे। पर आज तो सारे साधन हैं। इसके बाद भी क्या यही सोच चलती रहेगी। प्रशासन की वरीयता नामी गिरामी लोगों मसलन- क्रिकेटर हरभजन सिंह और बिहार के चार दिन पहले के मंत्री अश्विनी चौबे को बचाने की तो रहेगी लेकिन इन्हीं लोगों के साथ जो आम लोग गए थे उनकी तो लाशें तक ढूंढऩे की दिलचस्पी बहुगुणा सरकार के अफसरों में नहीं है। यह हाल के इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेजडी है लेकिन कोई नहीं चेत रहा।

वरिष्‍ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्‍ला के एफबी वॉल से साभार.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...