प्रिय यशवंत जी… और वो दिन आ ही गया जिसका इंतजार पूरे मीडिया हाउस को था. सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 से करीब ढाई सौ लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. सैकड़ों लोगों को रातों रात सड़क पर ला दिया गया. 12 वीडियो एडिटर्स, दस कैमरामैन, 22 एडिटोरियल स्टाफ, पूरा ग्राफिक डिपार्टमेंट, इंटरटेनमेंट, नेशनल लेवल के रिपोर्टर, पूरा एसाइनमेंट… ये सब छंटनी के शिकार हुए हैं..
लेकिन एक बात समझ नहीं आई कि अगर कंपनी को कास्ट कटिंग ही करनी थी तो छोटों को निकाल कर क्या मिला उनको? बड़ी सेलरी वाले तो आज भी वहीं पर हैं. कुछ समझ में नहीं आया. जरा पड़ताल करिए…
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.
मूल खबर…
सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 न्यूज चैनलों में कल से शुरू होगी 30 प्रतिशत छंटनी
रिलायंस के दबाव में टीवी18 के कई चैनलों से 320 लोगों की छंटनी






