बाराबंकी। हिन्दी पत्रकारिता में जिले को लगभग पांच दशक तक नये आयाम और नई सोच देने वाले गिरजा शंकर शुक्ल उर्फ गिरजा गुरू का गुरूवार को देहान्त हो गया है, वह 85 वर्ष के थे। उनका अन्तिम संस्कार शुक्रवार को दोपहर बाद किया जायेगा। श्री गिरजा शंकर शुक्ल का परिवार आजादी के पहले से ही हिन्दी पत्रकारिता से जुड़ा रहा है।
इनके परिजनों ने जिले से 1920 में पहला हिन्दी सप्ताहिक देश बन्धु प्रकाशित किया था जिसके सम्पादक पण्डित बद्री प्रसाद शुक्ल थे और यह अखबार छः माह तक चला और उसके बाद अंग्रेजी शासकों द्वारा इसे जब्त कर लिया गया था।
वरिष्ठ पत्रकार गिरिजाशंकर शुक्ल ने 1952 में विश्ववाणी हिन्दी साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू किया था जो लम्बे समय तक लोगों को पठनीय सामग्री उपलब्ध कराता रहा।
पं गिरिजाशंकर शुक्ल का जन्म 11 जनवरी 1928 में हुआ था। आज वह 85 वर्ष के थे। वह अपने पीछे दो पुत्र तथा नौ पुत्रियां छोड़ गये हैं। श्री शुक्ल ने हिन्दी पत्रकारिता में जिले को लम्बी ऊंचाइया प्रदान की हैं। वह गिरजा गुरू के नाम से जाने और पहचाने जाते थे। श्री शुक्ल समाजिक कुरीतियों और जिले के विकास के लिए भी सदैव संघर्षरत रहे हैं। उन्होंने धनोखर तालाब के सौंदीर्यकरण और शहर के पर्यावरण को बचाने के लिए भी लम्बा संघर्ष किया। धनोखर तालाब के सौंदीर्यकरण को लेकर जिला प्रशासन सजग हुआ और लम्बी चौड़ी धनराशि भी उपलब्ध करायी लेकिन निर्माण इकाई की लापरवाही के चलते यह योजना धरासायी हो गयी और श्री शुक्ल के दिल में अन्तिम क्षणों तक संघर्षरत रहे लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। पत्रकारिता दिवस पर उन्हें सम्मानित भी किया गया था, जो उनका अन्तिम सम्मान था।
इस सम्मान समारोह में रिजवान मुस्तफा, प्रदीप सारंग, कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया, हरि प्रसाद वर्मा, सरवर अली, आरबी सिंह, दीपक मिश्रा, अतुल वर्मा, अरूण कुमार, प्रमुख रूप से शामिल थे। श्री गिरजा शंकर शुक्ल के निधन पर पत्रकारों, साहित्यकारों और समाजसेवियों के साथ राजनैतिज्ञों ने भी शोक व्यक्त किया है। उनके निधन पर हिन्दी पत्रकारिता को अपूर्णनीय क्षति हुई है।
राष्ट्र परिषद के महासचिव अजय सिंह जनेस्मा के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डा0 भगवान वत्स, पत्रकर केपी तिवारी, नरेन्द्र नरायन मिश्रा, शोभित मिश्रा, चन्द्रकान्त मौर्या, विकास शुक्ला, आनंद शर्मा, केपी शुक्ला, हशमत उल्लाह, मो0 अकील, परवेज अहमद, बीपी दास बाबा, सुरेश बहादुर सिंह कौशिक, आलोक श्रीवास्तव, संजय शर्मा, रेहान मुस्तफा, नीरज श्रीवास्तव, गोल्डी सिंह, भूपेन्द्र मिश्रा, देवेन्द्र मिश्रा, नवनीत तिवारी, प्रेम अवस्थी, राजू अवस्थी, श्रुतिमान शुक्ला, योगेन्द्र मधुप, मयंक पाण्डेय सहित सैकड़ों लोगों ने दुःख व्यक्त करते हुए उनके परिवार को सांत्वना दी है और उनकी आत्मा की शान्ति के लिए दुआ की।
बाराबंकी से रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट.






