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बिहार-झारखंड के तीन चैनलों के कर्मचारियों को सेलरी का इंतजार

बिहार-झारखंड के रीजनल चैनल के कर्मचारियों तथा स्ट्रिंगरों के हालात खराब हैं. बिहार-झारखंड से प्रसारित होने वाले चैनल न्‍यूज11 के कर्मचारियों को पिछले दो महीने से सेलरी नहीं मिली है. कर्मचारियों को सेलरी की बजाय आश्‍वासन दिया जा रहा है. कर्मचारी मायूस हैं. चैनल के न्‍यूज रूम का माहौल भी तनावपूर्ण हैं. चैनल ने अक्‍टूबर और नवम्‍बर की सेलरी अभी नहीं दी है. पर सूत्र बताते हैं कि शनिवार से इक्‍का-दुक्‍का लोगों की अक्‍टूबर की सेलरी आनी शुरू हो गई है.

बिहार-झारखंड के रीजनल चैनल के कर्मचारियों तथा स्ट्रिंगरों के हालात खराब हैं. बिहार-झारखंड से प्रसारित होने वाले चैनल न्‍यूज11 के कर्मचारियों को पिछले दो महीने से सेलरी नहीं मिली है. कर्मचारियों को सेलरी की बजाय आश्‍वासन दिया जा रहा है. कर्मचारी मायूस हैं. चैनल के न्‍यूज रूम का माहौल भी तनावपूर्ण हैं. चैनल ने अक्‍टूबर और नवम्‍बर की सेलरी अभी नहीं दी है. पर सूत्र बताते हैं कि शनिवार से इक्‍का-दुक्‍का लोगों की अक्‍टूबर की सेलरी आनी शुरू हो गई है.

खबर है कि न्‍यूज11 के स्ट्रिंगरों का भी काफी समय से पैसा नहीं मिला है. कई स्ट्रिंगरों ने तो काम करना ही छोड़ दिया है. यहां काम करने वाले पत्रकारों का कहना है कि चैनल के हालात कब तक सुधरेंगे कुछ कहा नहीं जा सकता. हालांकि कुछ कर्मचारियों ने दूसरे चैनलों में भी जगह देखनी शुरू कर दी है, पर दूसरे चैनलों के हालात देखकर वहां भी जाना उन्‍हें खतरे से खाली नहीं लग रहा है.

बिहार-झारखंड से ही प्रसारित आर्यन टीवी के झारखंड के स्ट्रिंगरों को भी छह महीने से पैसा नहीं मिला है. कई बार प्रबंधन से कह सुन कर हार चुके ज्‍यादातर स्ट्रिंगरों ने फीड भेजना ही बंद कर रखा है. वैसे भी झारखंड में आर्यन टीवी की हालत खराब है. स्‍टेट हेड भुजंग भूषण के इस्‍तीफा देने के बाद कई जिलों के स्ट्रिंगरों ने भी आर्यन को छोड़ दिया है. यह चैनल पिछले काफी समय से झारखंड में नहीं दिख रहा है. चैनल के हालात सुधारने के लिए संजय सिंह को भेजा गया है पर चैनल का पैसा न देने का रिकार्ड देखते हुए नए‍ स्ट्रिंगर इससे जुड़ने को तैयार नहीं है.

कुछ ऐसा ही हाल बिहार-झारखंड से प्रसारित देश लाइव चैनल का है. यहां भी सेलरी आने का समय निर्धारित नहीं है. खबर है कि यहां सेलरी तीन महीने की देरी से चल रही है. कर्मचारी परेशान हैं. हालांकि मालिक के नेचर को देखते हुए इनका कहना है कि देर सबेर सेलरी मिलेगी जरूर, क्‍योंकि इसके पहले भी इस तरह की स्थितियां आ चुकी हैं. वैसे तीन महीने से सेलरी नहीं मिलने के चलते कर्मचारी परेशान भी हैं. ज्‍यादा परेशानी उन कर्मचारियों के साथ है, जो अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं.

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