: नीतीश ने कहा पत्रकारिता जोखिम भरा काम : पटना। मुख्यंमत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पत्रकारिता का काम जोखिम भरा है। पहले महिला तो दूर पुरुष भी पत्रकारिता की तरफ आकषिर्त नहीं होते थे। उन्होंने महिला पत्रकारों की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रत्येक वर्ष एक महिला पत्रकार को पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत सम्मानित किया जाएगा। साउथ एशियन वूमेन इन मीडिया (सॉम) के बिहार चैप्टर द्वारा शुक्रवार को ‘वूमेन इन मीडिया’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला में नीतीश कुमार ने ये बातें कहीं।
कार्यशाला में बिहार सहित अन्य राज्यों की महिला पत्रकारों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार सॉम द्वारा आयोजित यह कार्यशाला सामाजिक क्रांति का द्योतक है। उन्होंने कहा कि बिहार में सामाजिक क्रांति की ही देन है कि आज पत्रकारिता के क्षेत्र में आने से महिलाएं घबराती नहीं हैं, बल्कि बेहतर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे बीमारू राज्य में लड़कियां लगातार हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पचास प्रतिशत आरक्षण का व्यपाक प्रभाव पड़ा है। साइकिल योजना और पोशाक योजना का सामाजिक क्रांति में व्यापक प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर जिले के धरहरा गांव और मुजफ्फरपुर जिले के मुस्तफागंज गांव में बच्ची के पैदा होने पर दस पेड़ लगाने का रिवाज है। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्रांति से समाज में हो रहे परिवर्तन को पत्रकार अपनी लेखनी का मुख्य बिंदु बनायें। विशेषकर क्षेत्रीय पत्रकारिता में पुरुषों की तुलना में महिला पत्रकारों का अनुपात कम होने पर चिंता भी व्यक्त की गई। सॉम की महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार मनिका चोपड़ा ने कहा कि सन 2008 में बना ‘सॉम सार्क देशों अफगानिस्तान, बंगलादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल ,पाकिस्तान और श्री लंका में काम कर रहीं महिला पत्रकारों का संगठन है।
आनंद बाजार पत्रिका, कोलकाता की सहायक संपादक स्वाति भट्टाचार्य ने कहा कि विडंबना है कि पत्रकारिता के उच्च पदों पर आज भी महिलाओं की संख्या नगण्य है। ‘चेतांशी’ पत्रिका की संपादक इंदु भारती ने कहा कि महिला पत्रकारिता का कैनवास व्यापक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़ी वास्तविक समस्याओं और जमीनी सच्चाइयों को महिला पत्रकार मजबूती के साथ लिखें। सीतामढ़ी से आई लक्ष्मी और समस्तीपुर की अनामिका ने ग्रामीण इलाके में महिला पत्रकारों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों का जिक्र किया। कार्यशाला में उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश, प. बंगाल, झारखंड, असम एवं नई दिल्ली की महिला पत्रकारों ने भी भाग लिया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार रजनी शंकर एवं संचालन निवेदिता ने किया। विषय प्रवेश गायत्री शर्मा ने किया। इस मौके पर ऑक्सफेम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवींद कुमार प्रवीण, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क की सीनियर फेलो अनामिका प्रियदर्शिनी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुक्ता सिन्हा भी मौजूद थीं। साभार : सहारा






