बुलंदशहर : यहां नेताओं और अफसरों की गोदी में बैठ गया है 'अमर उजाला'… निष्पक्षता का ढिंढोरा पीटने वाले अमर उजाला की हालत बुलंदशहर में ठीक नहीं है… यहाँ ये नेताओं और अफसरों की गोदी में फल फूल रहा है.. ये कोई पत्रकार या आम आदमी नहीं कह रहा, बल्कि इसकी खबरें ही इसकी पोल खोल रही हैं… यहां पर ये नंबर एक होने का दावा भी करता है…
मामला एक: मामला बुलंदशहर सपा जिलाध्य्क्ष हिमायत अली के बेटे अफजल अली के अस्पताल में हंगामे का है. इसने डॉक्टर के साथ गाली गलौच भी की. हिंदुस्तान और दैनिक जागरण ने तो ढंग से लिखा लेकिन अमर उजाला ने काफी हल्के शब्दों में लिखकर या ये कहें खबर दबाकर अपनी निष्पक्षता की पुंगी बजा दी. अंतिम दिन तो सभासद की बैठक ऐसी छापी जैसे कल्याण सिंह ने भाषण दिया हो.
मामला दो: ये मामला रविवार 2 मार्च का ही है.. एक निलम्बित कर्मचारी को सवेतन बहाली दी गयी. जागरण ने तो मामला तान दिया. इससे हड़कम्प भी मचा. वही हिंदुस्तान और अमर उजाला ने खबर को छुआ तक नहीं.. शनिवार शाम तक हल्ला ये हो गया था कि हिंदुस्तान और अमर उजाला में खबर पर डील हो गयी है.. सुबह जब अखबार पढ़ा तो हकीकत सामने आ गयी..
मामला तीन: हुआ ये कि उप जिलाधिकारी और कुछ सपाईयों के बीच झड़प हो गयी… मामला मीडिया में प्रचारित भी हो गया… झगड़े की पूरी वीडियो क्लिप उप जिलाधिकारी ने बनायी… पूरा विवरण भी दिया… चूँकि मामला सपाईयों का था तो अमर उजाला में ये खबर दब गयी…
बुलंदशहर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






