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दिल्ली

बैठक में हुआ फैसला- आईआईएमसी में छात्रावास नहीं; तो फीस नहीं

Abhishek Ranjan Singh : साथियों, आज तारीख़ 24 अक्टूबर, 2013 को भारतीय जनसंचार संस्थान मुख्यालय नई दिल्ली में पिछले ढाई दशकों से छात्रावास की सुविधा से वंचित छात्रों की समस्या को लेकर संस्थान में सत्र-2013-14 के मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों की एक अहम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में छात्रावास न होने से छात्रों को होने वाली परेशानियों के विषय में विस्तृत चर्चा हुई.

Abhishek Ranjan Singh : साथियों, आज तारीख़ 24 अक्टूबर, 2013 को भारतीय जनसंचार संस्थान मुख्यालय नई दिल्ली में पिछले ढाई दशकों से छात्रावास की सुविधा से वंचित छात्रों की समस्या को लेकर संस्थान में सत्र-2013-14 के मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों की एक अहम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में छात्रावास न होने से छात्रों को होने वाली परेशानियों के विषय में विस्तृत चर्चा हुई.

मौजूदा व पूर्व छात्रों ने 25 साल पुरानी इस समस्या के लिए भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक, कुलसचिव और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी इच्छाशक्ति की कमी की वजह से छात्रों को वर्षों से यह असुविधा झेलनी पड़ रही है. उनके मुताबिक़, संस्थान के छात्र बग़ैर छात्रावास के जिस तरह जेएनयू में भोजन करते हैं, उससे छात्रों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है, लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.

छात्रों ने हर साल मनमाने ढंग से फीस बढ़ोत्तरी किए जाने पर भी निराशा ज़ाहिर की. उनके अनुसार, न सिर्फ शैक्षणिक फीस, बल्कि प्रवेश परीक्षा के शुल्क में भी इजाफ़ा किया जाता है, इससे आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. संस्थान के मौजूदा छात्रों ने दोहराया कि दीपावली और छठ पूजा की छुट्टियों के बाद संस्थान परिसर में अनशन/धरना किया जाएगा और इसके लिए सभी छात्र तैयार हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जब तक संस्थान के महानिदेशक अमरावती, आइजॉल, कोट्टयम, ढेंकनाल और श्रीनगर कैंपस की तरह नई दिल्ली के सभी छात्र-छात्राओं को छात्रावास की सुविधा नहीं प्रदान करेंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

ग़ौरतलब है कि संस्थान के मौजूदा छात्रों ने छात्रावास की वैकल्पिक व्यवस्था करने अथवा हर महीने विशेष छात्रवृति देने की मांग की है. अगर संस्थान के महानिदेशक छात्रावास से वंचित छात्रों को इस तरह की सहूलियत नहीं देते हैं, तो छात्र भी संस्थान को बकाया शैक्षणिक फीस अदा नहीं करेंगे. छात्रों की इस घोषणा का स्वागत बैठक में मौजूद सभी लोगों ने किया.

इस बैठक में सत्र- 2013-14 के छात्र अनुज कुमार, नितिन कुमार, निकेश सक्सेना, ओम प्रकाश धीरज, विशाल शुक्ला, अतुल कुमार, विवेकानंद सिंह, पी. शर्मा, नवीन नेगी, कन्हैया कुमार, सुमित कुमार, वेनसॉन सोरेल, निशांत कुमार राय, मनोज कुमार मुंडे, अक्षय कुमार शर्मा (सभी हिंदी पत्रकारिता)… प्रिंस कुमार सिंह, झलक नागपाल, अभिषेक चौहान, आर. रतन, रोहित राज, एरावत कुमार (सभी अंग्रेजी पत्रकारिता)… अभिषेक कुमार, कमल, मक़बूल आलम, राजाबाबू अग्निहोत्री, मीना, अविनाश तिवारी, सोनाबाबू और पीयूष (सभी रेडियो एवं टेलीविज़न पत्रकारिता)… आशीष कुमार (विज्ञापन एवं जनसंपर्क संकाय)… शामिल हुए. इसके अलावा इस बैठक में भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व छात्र राहुल यादव ( रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता) संजीव कुमार साहू ( अंग्रेजी पत्रकारिता, ढेंकनाल कैंपस), नवीन कुमार और अभिषेक रंजन सिंह (हिंदी पत्रकारिता) ने हिस्सा लिया.

अभिषेक रंजन सिंह के फेसबुक वॉल से.

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