सीएनईबी न्यूज चैनल से खबर है कि प्रबंधन ने एक झटके में पांच मीडियाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इन पांचों पर आरोप लगाया गया कि इन्हीं में से किसी ने भड़ास4मीडिया के पास सीएनईबी से जुड़ी आंतरिक सूचनाएं प्रकाशन के लिए भेजी. निकाले गए लोगों में एक शिफ्ट इंचार्ज हैं, दूसरे सज्जन रन डाउन प्रोड्यूसर हैं, तीसरा कर्मी प्रोड्यूसर के पद पर है, चौथे व पांचवें सज्जन असिस्टेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत है. इन लोगों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक चैनल हेड के रूप में कार्यरत रजनीश ने पांचों लोगों पर शक जताते हुए इन्हें चैनल से बर्खास्त किए जाने की सिफारिश चैनल के चेयरमैन अमनदीप सरान से की और सरान ने इसे मंजूर भी कर लिया.
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर खुल रहे ऐसे न्यूज चैनलों की विडंबना देखिए कि इन चैनलों में आंतरिक लोकतंत्र एकदम से गायब है. किसी को किसी भी क्षण किसी भी आरोप में बाहर किया जा सकता है. अगर प्रबंधन को इन पांचों लोगों पर भड़ास को खबर लीक करने का शक था तो उन्हें इनकी मेल आईडी चेक करनी चाहिए, इनके मोबाइल नंबर के काल डिटेल पता करने चाहिए. बिना किसी प्रमाण के सिर्फ शक के आधार पर नौकरी से निकाला जाना न सिर्फ अलोकतांत्रिक है बल्कि अमानवीय भी. पांचों लोगों को महीने भर का नोटिस भी नहीं दिया गया ताकि ये कहीं विकल्प तलाश पाते. जिन पांच लोगों को निकाला गया है उनके बारे में बताया जाता है कि ये लोग काफी समय से चैनल के साथ जुड़े हुए थे. इनमें से कुछ तो चैनल की लांचिंग से इस चैनल के साथ थे.






