
हो सकता है अखबार की ताकत के सहारे से अब मेरे उत्पीड़न का दौर शुरू हो जाए, मुझे अपनी जान का भी पूरा खतरा है क्यूंकि जो लोग मुझे जान से मारने कि धमकी दे चुके थे उन्हीं लोगों को बरेली में तैनात कर दिया गया है। अपनी जान के प्रति खतरे और षडयंत्रो के प्रति मैंने श्री राजुल जी पहले भी अवगत करा दिया था। पिछले साल ही मैंने श्री वीरेन डंगवाल-निदेशक अमरउजाला को भी अपने साथ हो रहे अन्याय से अवगत करवाया था तब उन्होंने मुझसे यही कहा था कि वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यूँ हो हो रहा है?
अब लगता है मेरे उत्पीड़न का दौर शुरू होने वाला है.
आशीष अग्रवाल
वरिष्ठ पत्रकार
अमर उजाला
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