केन्द्रीय मंत्री व्यालार रवि द्वारा टीवी चैनल की एक महिला पत्रकार पर किए एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी ने तूल पकड़ लिया है। सुर्यनल्ली बलात्कार केस में फंसे राज्यसभा उपसभापति जे पी कुरियन पर सवाल पूछने पर रवि ने महिला के खिलाफ भद्दी भाषा का प्रयोग किया था। हालांकि भारी विरोध के बाद रवि ने महिला पत्रकार के खिलाफ अपशब्द का प्रयोग करने के लिए उससे तथा चैनल से माफी मांग ली है।
बकौल रवि, मुझे अपनी टिप्पणी के लिए खेद है। मैं अपनी टिप्पणी के लिए उस टीवी चैनल से पहले ही खेद जता चुका हूं जिसमें वह पत्रकार काम करती हैं। वहीं, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्मृति ने महिला पत्रकार से भद्दी भाषा का उपयोग किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रवि से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा था। स्मृति ने कहा कि हम एक महिला पत्रकार के प्रति व्यलार के आचरण की भर्त्सना करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक महिला पत्रकार को केवल इसलिए धमकाया, क्योंकि उसने अपने कार्य का निर्वहन करते हुए रवि से किसी मामले में सवाल किया।
उन्होंने आगे कहा कि रवि का आचरण गहरी चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि मंत्री ने जब कैमरों के सामने महिला पत्रकार को डराया धमकाया है तो कैमरों की गैर मौजूदगी में उनका व्यवहार कैसा होता होगा। दरअसल, राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन के सेक्स स्कैंडल में नाम आने के सवाल पर व्यालार इतने बिफरे कि पत्रकार को यहां तक डाला कि क्या आपको कुरियन के खिलाफ कोई निजी परेशानी है? मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ऐसा ही है। क्या आपके और कुरियन के बीच पूर्व में कभी कोई मामला हुआ है?
गौरतलब है कि पीजे कुरियन के खिलाफ सेक्स स्कैंडल का मामला इन दिनों सरगर्म है और कहा यहां तक जा रहा है कि इस मामले में उनकी कुर्सी तक जा सकती है। आरोप है कि राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर कुरियन ने मामले को रफा-दफा करा दिया था। बहरहाल, केरल में दिए गए इस बयान पर हंगामा बरपा है। वहां महिला पत्रकारों ने बाकायदा प्रदर्शन किया है और इस बारे में आगे की रणनीति के लिए बैठक भी हुई है।
बड़े नेताओं और यहां तक कि मंत्रियों की ओर से आपत्तिजनक बयान लगातार आ रहे हैं लेकिन परेशानी की बात ये है कि पार्टियां इनके खिलाफ शायद ही कभी कोई कार्रवाई करती। दबाव बढ़ता है तो खानापूरी के लिए पार्टी ऐसे बयानों को निजी बता देती है और नेता कह देता है कि उसके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। (पीएस)






