''जो राजनाथ सिंह पिछले चुनाव में यूपी की 403 सीटों के लिए उम्मीदवार तय कर रहे थे, वही राजनाथ सिंह इस चुनाव में अपने बेटे को एक अदद टिकट नहीं दिला पाए… तो क्या राजनाथ सिंह बीजेपी में इतने कमजोर हो गए हैं…. या बात कुछ और है… किसी नेता से अगर ये पूछा जाए कि अपनी पार्टी को रसालत में पहुंचाने के लिए आप ही जिम्मदार हैं तो वो तिलमिला उठेगा लेकिन राजनाथ हंसकर जवाब देते रहे….
यूपी चुनाव में बीजेपी तीसरे या चौथे नंबर पर काबिज होने की दौड़ में दिख रही है तो क्यों? कभी यूपी पर राज करने वाली बीजेपी रसातल में कैसे पहुंची? उमा भारती बीजेपी की जरूरत और मजबूरी क्यों बनीं? ऐसे ही सवालों का जवाब जानने के लिए मैंने राजनाथ सिंह का इंटरव्यू किया है. सोमवार रात साढ़े आठ बजे न्यूज 24 पर आप ये इंटरव्यू देख सकते हैं… चुभते सवालों पर कभी झेंपते, कभी मुस्कुराते और कभी खुलकर बोलते राजनाथ सिंह…''
अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से साभार
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राजनाथ सिंह से इस इंटरव्यू में अजीत अंजुम ने दो टूक लहजे में पूछा कि आपकी अब पार्टी में इतनी भी नहीं चलती कि अपने बेटे को एक टिकट दिला पाएं. नोएडा और मथुरा से लेकर वाराणसी तक से टिकट दिलाने के लिए आप कोशिशें करते रहे और अब तक नाकाम रहे . राजनाथ सिंह ने बहुत भावुक होते हुए कहा कि बीजेपी का कोई नेता नहीं कह सकता कि मैंने उनसे अपने बेटे को टिकट के लिए कहा. पंकज सिंह अपना काम कर रहे हैं और वक्त आने पर उन्हें जो चीजें मिलनी चाहिए, मिलेंगी. हालांकि उन्होंने माना कि हर पिता चाहता है कि उसका बेटा आगे बढ़े लेकिन हर काम मर्यादित ढंग से होना चाहिए. चुनाव के बाद की संभावनाओं पर राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी और बहुमत मिलेगा, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि ये कोई मानने को तैयार नहीं है कि बीजेपी तीसरे या चौथे नंबर से आगे बढ़ पाएगी और ऐसी स्थिति में अगर बीएसपी की सरकार बनाने की नौबत आई तो क्या बीजेपी एक बार फिर उनके साथ जा सकती है?
राजनाथ सिंह ने ऐसी किसी भी संभावना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये किसी भी सूरत में मुमकिन नहीं है. हम विपक्ष में बैठना मंजूर करेंगे लेकिन बीएसपी के साथ जाने का सवाल ही नहीं है . राजनाथ सिंह से कुछ तल्ख सवाल भी पूछे गए हैं और उन्होंने अपने अंदाज में उसका जवाब भी दिया है. उनसे पूछा गया कि कहा जाता है कि यूपी में बीजेपी को पतन के रास्ते पर ले जाने की शुरूआत तब हुई जब 1997 में आप प्रदेश अध्यक्ष थे और आपके ही नेतृत्व में पार्टी रसातल की तरफ जाती चली गई चाहे और 2002 में जब यूपी के सीएम रहे तब या फिर 2007 में आप राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे तब. पार्टी 174 से 51 तक आपके ही नेतृत्व में पहुंची है तो आप अपने को कितना जिम्मेदार मानते हैं ?
राजनाथ सिंह इस तल्ख सवाल का भी हंसते हुए अपने अंदाज में जवाब दिया है और अपनी उपलब्धियों गिनाते हुए माना भी कुछ कमियों की वजह से यूपी में पार्टी को नुकसान हुआ. राजनाथ सिंह से जब पूछा गया कि आप और कलराज मिश्रा समेत कई नेताओं के रहते उमा भारती के एयरड्रोपिंग की जरूरत क्यों पड़ी? क्या पार्टी को आप लोगों पर भरोसा नहीं रह गया है? राजनाथ सिंह ने कहा कि उमा भारती पिछले कुछ महीनों से यूपी में काफी मेहनत कर रहीं हैं और हम सब मिलकर पार्टी को चुनाव में जीत दिलवाएंगे.
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