Anurag Anant : भारत में इस बार राजनीतिक पार्टियां नहीं बल्कि पीआर एजेंसियां चुनाव लड़ रहीं हैं. मोदी जिन्हें मैं 'साहेब' बुलाता हूँ. उनके तरफ से एप्को वर्ल्ड वाइड है, तो राहुल गाँधी जिन्हें सब पप्पू और मोदी शहजादे कहते है, ने जापानी पीआर कंपनी देन्त्सू इंडिया को 500 करोड़ रुपये का ठेका दिया है, अपनी तरफ से चुनाव लड़ने के लिए.
और तीसरा पक्ष है 'आप' का, ये लोग खुद ही एजेंसी है. इनकी पार्टी का नाम ही ऐसा है की चाहो न चाहो दिन में 365 बार लेना ही पड़ता है. और अगर आप औसत से ज्यादा सभ्य है तो ये आंकड़ा 1000 भी पार कर जाता है.
हम तो खांटी इलाहाबादी है. ज्यादा 'आप' 'आप' करना हमें अच्छा नहीं लगता. तुम में जो बात है "आप' में कहाँ. ये सब पीआर एजेंसी की माया है कि आज नारा लागते किसी कार्यकर्ता से पूछो भैया आपकी विचारधारा क्या है ? तो ऐसा मुँह बनाता है जैसे अचानक आईएस की परीक्षा में बैठा दिया गया हो. कुछ देर चुप रहता है फिर सोच के बोलता है. नमो-नमो !!, राहुल गाँधी जिंदाबाद !! अरविन्द तुम संघर्ष करो आप आदमी तुम्हारे साथ है.
अनुराग अनंत के फेसबुक वॉल से.
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