कुछ रोज पहले भड़ास के पास एक भरोसेमंद सूत्र ने खबर भेजी कि राघवेंद्र सिंह और डा. संतोष मानव का भास्कर से बाय बाय हो चुका है. खबर जब भड़ास पर छपी तब राघवेंद्र ने फोन कर इन सूचनाओं का खंडन किया और खुद को मेडिकल लीव पर बताया. हफ्ते भर भी नहीं बीते होंगे कि फिर से खबर आई है कि इन दोनों के साथ सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. फिर जब राघवेंद्र से संपर्क किया गया तो उन्होंने मेडिकल लीव पर होने की बात दुहराई.
उधर, संतोष मानव बता रहे हैं कि वे भी भास्कर के आफिस में हैं. ऐसे में तो यही मानना चाहिए कि इन दोनों संपादकों के साथ भास्कर में सब कुछ स्मूथ चल रहा है. पर वहीं सूत्र अपनी बात पर अड़े हैं कि रांची के संपादक राघवेंद्र और जमशेदपुर के संपादक संतोष सिंह मानव महीने भर की नोटिस पर चल रहे हैं. नोटिस के बाद से ही रांची के संपादक राघवेंद्र मेडिकल लीव पर हैं और दिल्ली चले गए हैं. यहां तक चर्चा है कि रांची में राघवेंद्र के स्थान पर चंडीगढ के सीनियर न्यूज एडिटर अंकित शुक्ला को एडिटर बनाया जा रहा है. अंकित इससे पहले रांची भास्कर की लांचिंग का हिस्सा रह चुके हैं और वे नेशनल एडिटर कल्पेश यागनिक के खासमखास हैं.
इधर संतोष सिंह मानव के बारे में बताया जाता है कि इन्हें भोपाल से झारखंड भेजने के पीछे भास्कर के स्टेट एडिटर अभिलाष खांडेकर की प्रमुख भूमिका रही थी. लेकिन वर्तमान में जब अभिलाष खांडेकर खुद मुसीबत में हैं तो संतोष मानव को यहां बचाने वाला भी कोई नजर नहीं आ रहा. जमशेदपुर में बतौर एडिटर अमरकांत को मौका मिलने की उम्मीद है. अमरकांत को हाल ही में रांची में न्यूज एडिटर सिटी बनाया गया है.
राघवेंद्र और संतोष मानव दोनों ने ही सभी चर्चाओं को निराधार और बेसिर पैर का करार दिया है. इनका कहना है कि कुछ लोग जान बूझ कर शरारत भरी बातें फैला रहे हैं. भास्कर प्रबंधन की तरफ से उन दोनों को ही कोई भी नोटिस, चेतावनी या संदेश नहीं दिया गया है. संतोष मानव ने बताया कि वे आफिस में काम पर हैं. राघवेंद्र का कहना है कि वे स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर हैं और 20 तारीख तक अवकाश पर रहेंगे. फिर उसके बाद ज्वाइन कर लेंगे. (कानाफूसी)






