यशवंत भाई व भड़ास के पाठकों आज दैनिक भास्कर हरियाणा में बर्थ डे ब्वाय (मानवीकरण) है। हरियाणा में इस अखबार ने 12 साल पूरे किए हैं। लेकिन आप हम जैसे साधरण लोग भास्कर को जन्मदिन की बधाई नहीं दे सकते। इस अखबार के जन्मदिन की बधाई गाने का का सौभागय हरियाणा के सीएम को मिला है। जी हां, प्रथम पन्ने पर भास्कर ने सीएम का इंटरव्यू प्रकाशित किया है, जिसमें उन्होंने अखबार की हरियाणा में बुलंदियों की तारीफ में कसीदे गढ़े हैं। या फिर बधाई उनकी स्वीकार की गई है, जिन्होंने जेब से से पैसे खर्च करके विज्ञापन के रूप में बधाई दी।
श्री रमेशचंद्र अग्रवाल ने यूं तो पहले पन्ने पर हरियाणा में कामयाबी का भरपूर श्रेय आम पाठक को दिया, लेकिन आज के जन्मदिन विशेष संस्करण में आम पाठक की तो छाया भी नजर नहीं आती। जन्मदिन के नाम पर भारत की इस तेज गति से बढ़ते अखबार ने खूब पैसे कमाए। हर कस्बाई स्ट्रिंगर की मजबूरी थी कि उसे कम से कम दस से पंद्रह हजार का विज्ञापन भास्कर को बधाई देने के नाम पर लेना है। यही नहीं आप आज के भास्कर के हरियाणा के लोकल पुल आउट देखें तो स्ट्रिंगर को भी चाहे रोते या हंसते खुद भी विज्ञापन कालम में भास्कर को बधाई देनी पड़ी।
अब दोबारा बधाई गायक की भूमिका निभा रहे प्रदेश के सीएम की तरफ लौटते हैं। सीएम का बधाई देने वाला इंटरव्यू ऐसे ही नहीं छप गया। ये इंटरव्यू भास्कर के खास माने जाने वाले पत्रकारों श्री हेमंत अत्रि साहिब और वरिष्ठ संवाददाता श्री प्रमोद वशिष्ठ साहिब के विशुद्ध जुगाड़ से हुआ है। दोनों ही पत्रकार सीएम के बहुत करीबी माने जाते हैं, जिनमें हेमंत जी तो खुद सीएम के शहर के हैं, निवास स्थान के हिसाब से उनके पड़ोसी भी हैं। गुस्ताखी माफ उक्त दोनों पत्रकार चंडीगढ के मीडिया गलियारों में सरकार के सबसे बड़े चमचे के रूप में नाम लेकर पुकारे जाते हैं। वैसे इन दोनों जनाब की खबरें इस बात का जीता जागता उदाहरण भी है। अगर दोनों की पिछले आठ साल की खबरें उठाकर देखी जाएं तो हर खबर सरकार की गलत बात को सही बताते हुए छपी है।
लेकिन हरियाणा का सरकारी जनसंपर्क विभाग इतना सीधा नहीं है और सरकार भी इतनी बावली नहीं कि सीएम के मुंह से ऐसे ही भास्कर का जन्मदिन बधाई गीत गवा दिया। इसके पीछे सीधे-सीधे एक सौदा हुआ। सरकार ने भी इस मौके पर विज्ञापन के जरिए कही जाने वाली बात को न्यूज के माध्यम से कहलवाया। जैसे कि पहले पन्ने पर सीएम का बधाई गीत वाला इंटरव्यू है, तो अगले ही पन्ने पर हरियाणा सरकार की उपलब्धियों को बताने वाला एक गीत भास्कर ने समाचार के माध्यम से गाया है। इस बधाई गीत पर श्री प्रमोद वशिष्ठ ने बाई लाइन ली है। और अंत में जन्मदिन के काले उल्लास में कई पत्रकारों को विज्ञापन देने के नाम पर प्रताडि़त किया गया है। कई पत्रकारों ने इस लेखक को बताया कि भाई साहब लोगों ने कहा कि क्यूं विज्ञापन दें। जन्मदिन भास्कर का और पैसे देकर बधाई दें। ऐसे में फिर उन लोगों की गर्दन पकड़ी गई, जिनको भास्कर से गर्ज है। तो भाइयों यूं मना रमेश जी की बड़ी दुकान का इंटरव्यू।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






