सच है कि मीडिया का जितना पतन-क्षरण इस दौर में हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ. बड़े बड़े अखबार और चैनल भी ढेर सारे फर्जी, अनैतिक, समाज विरोधी काम करने लगे हैं. ताजा मामला दैनिक भास्कर अखबार का है. इसने मोदी का एक फर्जी इंटरव्यू पहले पन्ने पर छापा. जब इस इंटरव्यू के कंटेंट, तथ्य पर विवाद बढ़ा तो मोदी ने भास्कर वालों को डटप दिया. तब भास्कर को डर कर खंडन प्रकाशन करना पड़ा कि उनके रिपोर्टर ने बिना मोदी से बात किए ही मोदी का इंटरव्यू छाप दिया.
हालांकि कहने वाले कहते हैं कि मोदी के मीडिया मैनेजर्स ने ये इंटरव्यू खुद कई अखबारों को पैसे देकर छपवाया और जब इस नेहरू-पटेल कंटेंट वाले इंटरव्यू पर बवाल बढ़ गया तो मोदी को मजबूरन अखबार वालों को फटकार लगाना पड़ा और अखबार वालों को अपने यहां खंडन छाप कर मोदी की लाज रखनी बड़ी, खुद की लाज-शर्म बाजार में नीलाम हो जाने की कीमत पर. पढ़िए, इंदौर के एक अखबार दबंग दुनिया में पहले पन्ने पर छपी भास्कर फर्जी इंटरव्यू और खंडन से संबंधित स्टोरी. ये अच्छी बात है कि कई शहरों में छोटे व नए अखबार इन बड़े व दैत्याकार अखबारों की असली पोल खोलकर जनता के सामने सच्चाई लाने का काम कर रहे हैं.

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