: अखबार पर सुभाष चंद्रा की कंपनी का मालिकाना हक : मुंबई समेत कई शहरों से छपने वाले अंग्रेजी दैनिक डीएनए से भास्कर ग्रपु ने अपना हिस्सा जी न्यूज की कंपनी एस्सेल ग्रुप को बेच दिया है. इस तरह अब डीएनए का पूरा मालिकाना हक एस्सेल ग्रुप के पास आ गया है. इस अंग्रेजी अखबार की शुरुआत भास्कर और जी ने मिलकर 2005 में ज्वाइंट वेंचर के तहत की थी. इस डील की ज्यादातर फार्मेलिटीज पूरी हो चुकी हैं. अब बस इस डील की आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है. संभावना जताई जा रही है कि सारी प्रक्रियाएं पूरी होते ही अगले कुछ दिनों में कंपनी इसकी आधिकारिक घोषणा कर देगी.
संभावना जताई जा रही है कि इस अखबार को जल्द ही दिल्ली से भी लांच किया जाने वाला है. एस्सेल ग्रुप मीडिया में अपना दखल बढ़ाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. इस डील को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है. सन 2005 में जब भास्कर समूह और एस्सेल ग्रुप ने ज्वाइंट वेंचर के तौर पर डिलीजेंट मीडिया के बैनर तले डीएनए का प्रकाशन शुरू किया तो मैनेजमेंट एवं एडिटोरियल कंट्रोल दोनों ही भास्कर समूह के पास था, परन्तु सन 2009 में एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने डीएनए के ऑपरेशंस का चार्ज खुद संभाल लिया. इसी दौरान भास्कर ग्रुप का पचास फीसदी हिस्सा एस्सेल समूह के फेवर में करवा लिया.
अब एस्सेल समूह ने भास्कर ग्रुप का पूरा स्टेक खरीद लिया है. यह सौदा कितनी धनराशि में तय हुआ है इसका खुलासा नहीं हो सका है. हालांकि इस मामले में दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं. माना जा रहा है कि एस्सेल समूह खरीद प्रक्रिया पूरा हो जाने के बाद अपने अंग्रेजी दैनिक डीएनए का विस्तार मुंबई के बाहर और खासकर राजधानी दिल्ली से जल्द ही कर सकता है.






