भास्कर प्रबंधन अब पंजाब को लेकर काफी गंभीर है. लगातार कोशिशों के बाद भी पंजाब केसरी से मुकाबला नहीं कर पाने से चिंतित प्रबंधन ने अब नए प्रयोग करने जा रहा है. प्रबंधन का मानना है कि पंजाब में भास्कर में ज्यादातर तक लोग यूपी और बिहार के हैं, जो पंजाब को ठीक से समझते नहीं है और न ही पंजाब के पाठकों के रूचि को ध्यान में रख पाते हैं. जिससे पंजाब के लोगों में अखबार अपनी घुसपैठ नहीं बना पा रहा है. इसके लिए प्रबंधन ने अब यहाँ यूपी बिहार के लोगों की बजाय पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़ के लोगों को ही रखने का फैसला लिया.
नए स्टेट हेड दीपक धीमान स्वयं चंडीगढ़ के हैं तो लुधियाना भास्कर के नए संपादक शमशेर चंदेल भी हिमाचल के हैं. दोनों ही लोगों को प्रबंधन ने नए प्रयोग के बारे में बता दिया है. यूपी और बिहार के लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी भी पूरी हो चुकी है. सबसे पहले इस साल घाटा दिखाते हुए ऐसे लोगों का इन्क्रीमेंट नहीं के बराबर लगाया जाएगा. इससे भी कई लोग खुद दूसरा हाउस देखने को मजबूर होंगे. इसके बाद भी जो टिकेंगे उनका ट्रांसफर ऐसे यूनिट में किया जाएगा की वे खुद परेशान होकर छोड़ दें. (कानाफूसी)






