इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन से संबद्ध चंडीगढ़ और पंजाब यूनियन ऑफ र्जनलिस्ट्स ने बुधवार को मई दिवस के अवसर पर रैली की। संगठन ने मानव जंजीर बनाकर एकजुटता का संकल्प लिया। इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष विनोद कोहली ने समाचार पत्रों के कर्मचारियों के वर्तमान वेतन ढांचे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट से वेतन बोर्ड से संबंधित मामले का शीघ्र निपटारा करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकार वर्ग मौजूदा हालात में सबसे कम वेतन पा रहा है। उन्हें आज भी अठारह साल पुराने वेतनमान दिए जा रहे हैं। जबकि महंगाई कई गुणा बढ़ चुकी है। कोहली ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भारतीय प्रेस परिषद के अंतर्गत लाने की जोरदार मांग करते हुए कहा कि इससे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े अनेक मामलों का शीघ्र निपटारा हो सकेगा।
दूसरी तरफ भिंड में भी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पत्रकारों के हित में तमाम मांगों को रखकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई के बैनर तले पत्रकारों ने प्रदेश के संगठन महामंत्री प्रहलाद भदौरिया और जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में सीएम के नाम कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि पत्रकारों को न सिर्फ तहसील व जिला स्तर पर अधिमान्यता देकर उन्हें विभिन्न प्रकार की प्रताडऩा से बचाया जाए बल्कि पत्रकार पंचायत बुलाने, बेगारी प्रथा पर रोक, कम ब्याज पर ऋण देने, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण कोष, विश्राम भवनों पर रुकने की सुविधा, यात्री वाहनों में कम किराया आदि मांगें भी इसमें शामिल की गईं हैं।






