इंदौर। मानहानिकारक खबर छापने पर इंदौर की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 23 अप्रैल को ‘नवभारत’ समाचार पत्र के मालिक प्रफुल्ल माहेश्वरी व प्रकाशक सत्यभूषण शर्मा के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उन्हें फरियादी को 5-5 हजार का मुआवजा देने का आदेश दिया है। फरियादी अरूण कुमार जैन के मुताबिक उन्होंने एक निजी परिवाद 10 साल पहले इंदौर की मजिस्ट्रेट कोर्ट में लगाया था, जिसमें कहा गया था कि उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में द्वेषभाव के चलते धार के विधायक करण सिंह पंवार ने सीएसपी पीथमपुर के रूप में पदस्थ रहते निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद ‘नवभारत’ में इस आशय की खबरें छपी थी कि उन्होंने धार के एक हत्या के केस में पैसा खाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया है। खबर में और भी अनर्गल बातें प्रकाशित हुई थी। इस पर उन्होंने मालिक प्रफुल्ल माहेश्वरी, सत्यभूषण शर्मा, करणसिंह पंवार व संवाददाता तेजकुमार सेन को आरोपी बनाते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। यह मामला 10 साल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चला। सोमवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ओपी बोहरा ने मालिक व संपादक को दोषी पाते हुए उन्हें आईपीसी की धारा 499 व 500 में पांच-पांच हजार रूपए का हर्जाना फरियादी को देने के आदेश दिए हैं, जबकि पंवार व सेन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। श्री जैन का कहना है कि वे इस हर्जाने के फैसले से संतुष्ठ नहीं है और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे।





