वाह रे चैनल हेड जी, के न्यूज, आप की जितनी तारीफ की जाय कम है.. पहले तो आप खबरों के लिए बड़ा जोर मारा करते थे..अब विज्ञापन के लिए मार रहे हैं.. क्या हो गया है..आपको …आप इनपुट और एसाइनमेंट का काम छोड़कर मार्केटिंग विभाग के जीएम की तरह काम करने लगे हैं.. कभी भी एक बार संवाददाताओं को खबरों के बारे में बात नहीं करते पर विज्ञापन के लिए कई बार मेल कर रहे हैं.. लगता है अब आपको भी मालिकों की बात ज्यादा समझ में आने लगी है.. संवाददाताओं की नहीं..
आपने मालिकों से यह कभी न कहा होगा कि पहले लड़कों को पैसा भेजिए..तब इस तरह के विज्ञापन की रेवड़ी बाटिए.. जिसमें साफ साफ लिखा है कि 11000 वसूल कर आफिस में 9000 भेजो..और अगर 21000 वसूलते हो 17000.. मतलब साफ है कि वसूलो और कमाओ..वर्ना घर बैठ जाओ..

जरा आप भी बाहर निकलिये और चैनल के नाम पर मांग कर देखिए कि क्या मिलता है.. और कैसे मिलता है..तो पता चले.. चैनल को चले अभी 6 माह नहीं बीते ..मालिकों के पैसे खत्म हो गए क्या.. अरे मालिकों से कहिए..इस तरह के काम मेल और चिट्ठी से नहीं पत्रकारों से सीधे रुबरु होकर समझाया जाता है.. वरना चैनल की पोल खुल जाती है.. अखबारों में कैसे वसूली की माटिंग होती है..आप तो जानते ही होंगे.. आशा है..अगली बार कोई नयी तरकीब निकालेंगे…
एक दुखी संवाददाता
(अपने चैनल के वरिष्ठ को बिना मांगी दी गई सलाह है)






