मुंबई : इंडियन रीडरशिप सर्वे की गुरुवार को मुंबई में जारी 2011 की तीसरी तिमाही (क्यू 3) की रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े अखबार समूह दैनिक भास्कर ने 8.6 लाख नए पाठक जोड़े हैं। इसके साथ उसके पाठकों की संख्या 1.92 करोड़ हो गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में दैनिक भास्कर का वर्चस्व कायम है जहां इसके कुल पाठक 50 लाख हो गए हैं। पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में दैनिक भास्कर 22.46 लाख पाठकों के साथ निर्विवाद रूप से लीडर है।
छत्तीसगढ़ में 75 हजार नए पाठक दैनिक भास्कर से जुड़े जिससे अखबार के पाठकों में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। छत्तीसगढ़ में दस लाख की पाठक संख्या को पार करने वाला दैनिक भास्कर पहला अखबार है। राजस्थान के शहरी इलाकों में दैनिक भास्कर सबसे आगे है। यहां राजस्थान पत्रिका के मुकाबले उसके पाठकों की संख्या 13 फीसदी अधिक है। सर्वे में आने वाले चार शहरों जयपुर, जोधपुर, कोटा और बीकानेर में भी कुल मिलाकर इसके 17.31 लाख पाठक हैं। दैनिक भास्कर मध्यप्रदेश में 38 लाख पाठकों के साथ बढ़त बनाए हुए है। वह किसी अन्य अखबार से 170 फीसदी आगे है तथा उसकी पाठक संख्या अन्य पांच अखबारों नईदुनिया, दैनिक जागरण, नवदुनिया, पत्रिका और राज एक्सप्रेस के कुल पाठकों से ज्यादा है।
झारखंड में 6.3 लाख पाठकों के साथ दैनिक भास्कर ने प्रभावी शुरुआत की। वर्तमान रीडरशिप सर्वे केवल रांची संस्करण को कवर करता है। जमशेदपुर और धनबाद संस्करण इसमें शामिल नहीं हैं। दिव्यभास्कर ही गुजरात में एकमात्र अखबार है जिसने वृद्धि दर्ज की है जबकि अन्य अखबार या तो स्थिर बने रहे या उनकी पाठक संख्या में गिरावट आई है। अहमदाबाद में समूह ने 11 लाख पाठकों का आंकड़ा पार कर नई ऊंचाई छू ली है और वह अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी से 41 फीसदी आगे है। गुजरात के शेष छह शहरों में दिव्य भास्कर अपना वर्चस्व बनाए हुए है। दिव्य भास्कर और सौराष्ट्र समाचार को मिलाकर पाठक संख्या 38.46 लाख है।
दैनिक भास्कर समूह का दिव्य मराठी हाल में महाराष्ट्र में लांच हुआ है इसलिए इसकी पाठक संख्या के आंकड़े रीडरशिप सर्वे के दायरे में नहीं हैं। हालांकि डीबी कॉर्प द्वारा आईएमआरबी से कराए गए सर्वे में सामने आया है कि औरंगाबाद में दिव्य मराठी सबसे ज्यादा पाठकों के साथ नंबर 1 अखबार है। साभार : भास्कर






