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‘महका जगत’ और राजस्थान पत्रकार परिषद के कैलेंडर का विमोचन

उदयपुर। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दयाराम परमार ने छोटे और मध्यम समाचार पत्रों की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इन समाचार पत्रों की महत्ता को किसी भी स्थिति में कम नहीं आंका जा सकता है।  डॉ. परमार, राजस्थान विद्यापीठ के सभागार में उदयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार पत्र महका जगत और राजस्थान पत्रकार परिषद द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर 2012 का लोकार्पण कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान विद्यापीठ की कुलपति प्रो. दिव्य प्रभा नागर ने की। कुल प्रमुख प्रफुल्ल नागर भी इस समारोह में उपस्थित थे। 

उदयपुर। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दयाराम परमार ने छोटे और मध्यम समाचार पत्रों की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इन समाचार पत्रों की महत्ता को किसी भी स्थिति में कम नहीं आंका जा सकता है।  डॉ. परमार, राजस्थान विद्यापीठ के सभागार में उदयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार पत्र महका जगत और राजस्थान पत्रकार परिषद द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर 2012 का लोकार्पण कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान विद्यापीठ की कुलपति प्रो. दिव्य प्रभा नागर ने की। कुल प्रमुख प्रफुल्ल नागर भी इस समारोह में उपस्थित थे। 

डॉ. परमार ने आदिवासी अंचल में तकनीकी शिक्षा एवं सूचना प्रौद्योगिकी के विकास की आवश्यकता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि जब तक आम जन तक तकनीकी का आलोक नहीं पहुंचेगा तब तक यह मुख्य धारा जुडऩे में सफल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने जयप्रकाश माली को समाचार पत्र के सतत प्रकाशन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में छोटे समाचार पत्र उतने ही प्रासांगिक हो गए जितने की आजादी के दिनों हस्तलिखित समाचार पत्र थे।

डॉ. परमार ने कहा कि आज के इस युग में इलेक्ट्रोनिक्स चैनल एवं समाचार पत्र के इंटरनेट संस्करण तत्काल समाचार परोस रहे हैं। जिस पर चिंतन की आवश्यकता है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान डिम्ड विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. दिव्यप्रभा नागर ने माली को बधाई देते हुए कहा कि समाचार पत्र के साथ साथ जानकारी युक्त कैलेडर को जनता के लिए जारी करना सार्थक प्रयास है। इसके लिए यह साधुवाद के पात्र रहेंगे। प्रो. नागर ने ग्रामीण परिवेश में विद्यापीठ द्वारा चलाई जा रही तकनीकी योजनाओं की जानकारी भी दी। कहा कि विद्यापीठ का प्रादुर्भाव मनीषी जनार्दनराय नागर द्वारा किया गया, जो मूलत: पत्रकार थे।

आरंभ में पत्र के संपादक एवं राजस्थान पत्रकार परिषद के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश माली ने पत्र के प्रकाशन, उद्भव एवं पत्रकार परिषद द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों का परिचय दिया। आभार की रस्म एवं संचालन शिक्षाविद् डॉ. ललितसिंह झाला द्वारा किया गया। इस अवसर पर पत्रकार पुरुषोत्तम शर्मा, डॉ. मुनेश अरोड़ा, शांतिलाल सिरोया, वीरेंद्र श्रीवास्तव, संजय व्यास, इंदुबाला आचार्य, पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी, भूपेंद्र चौहान, घनश्यामसिंह भींडर, कृष्णकांत नाहर आदि उपस्थित थे।

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