: कानाफूसी : आगरा के जैन बंधुओं के मीडिया घराने सी ग्रुप पर बिजली चोरी वाले मामले में एक नया मोड़ आ गया हैं, जिसमें अब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री राजा अरिदमन सिंह का खुलकर नाम सामने आने लगा हैं. बताया गया है कि विधान सभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री किसी कारणवश सी एक्सप्रेस के दफ्तर पहुंचे थे, जिस पर उन्हें कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी गयी. यही कारण था कि महाराज अरिदमन सिंह सी एक्सप्रेस से खुन्नस मानने लगे. यह खुन्नस चुनावों के दौरान लगभग बहुत बढ़ गयी, क्योंकि सी एक्सप्रेस ने लगातार अपने समाचार पत्र के माध्यम से यही प्रकाशित किया कि भदावर राज घराने पर छाए संकट के बादल.
इतना ही नहीं चुनाव बीत जाने के बाद भी सी एक्सप्रेस ने सट्टे बाज़ार के भावों में महाराज को लगभग मैदान से ही बाहर कर दिया, जबकि बाज़ार महाराज की जीत का गुणगान कर रहा था. बस यही से यह दोस्ती दुश्मनी में बदलती चली गयी. लेकिन अब आगरा के सपाई सीना ठोंक ठोंक कर पत्रकारों से यही कह रहे हैं कि यह सपा हैं किसी को छोड़ेगी नहीं, बसपा नहीं है. दूसरी तरफ सी एक्सप्रेस के अधिकतर पत्रकारों का सिर तो शर्म के मारे झुका हुआ हैं, लेकिन अन्य समाचार पत्र के पत्रकारों का कहना है कि हर आदमी को एक लकड़ी से नहीं हांका जा सकता और अगर महाराज अरिदमन इतना ही दमदार हैं तो हमारे समाचार पत्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई करके दिखाए महाराज की लाल बत्ती सहित विधायकी भी चली जाएगी.
गौरतलब है कि आगरा के जैन बंधुओं का यह सी ग्रुप चिटफंड की दुकान हैं जिसे हाल में ही पब्लिक का पैसा लगाकर मीडिया समूह में तब्दील कर दिया गया हैं जिसके कर्ताधर्ता न्यूज़२४, जी न्यूज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व जी नेशनल का ब्यूरो भी चलाते हैं. बरहाल सी समूह पर कारवाई से आगरा की निजी बिजली कम्पनी टोरांट के हौंसले बुलंदियों पर हैं और सपाई सीना फुलाकर घूम रहे हैं. इस कार्रवाई पर आगरा से प्रकाशित सच का उजाला नामक समाचार पत्र ने तो अपने दो दिन पहले के अंक में सी समूह व उसकी मालिकान की कार्यशैली को प्रकाशित किया हैं, जिसकी चर्चा बाज़ार में जोरों पर चल रही है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






