महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर हो रहे हमले रूकने का नाम नही ले रहे हैं. कल बुधवार को बीड जिले के तालखेड में एक और पत्रकार पीटा गया. बीड से प्रसिध्द होने वाले दैनिक झुंजार नेता के रिपोर्टर अरविंद वाव्हल इस हमले मे बुरी तरह से घायल हो गये. उनके सिर और हाथ पर चोट आय़ी है. ग्राम पंचायत चुनाव में विरोध में खबरें देने का आरोप लगाकर भूतपूर्व सरपंच ने यह हमला किया है. इस वारदात की एफआईआर माजलगांव पुलिस में दे दी गई है.
माजलगांव तहसील में पिछले एक महीने में पत्रकारों के उपर होने वाला यह तीसरा हमला है. राज्य में पिछले छह महीने में 39 पत्रकारों के उपर हमले हुये हैं. राज्य में हर दो दिन में एक पत्रकार पीटा जा रहा है. महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाके में ज्यादा हमले हो रहे हैं. जैसे जैसे चुनाव नजदीक आयेंगे वैसे वैसे पत्रकारों के उपर होन वाले हमले में बढ़ोतरी होने की आशंका मराठी पत्रकार परिषद के कार्याध्यक्ष किरण नाईक ने जताई है.
इसी लिए चुनाव के पहले पत्रकार सुरक्षा कानून लाने की मांग राज्य में पत्रकार कर रहे हैं. 8 मई को जब पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति ने मुख्यमंत्री के सरकारी निवास वर्षा पर मोर्चा निकाला था तब समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करते वख्त मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कानून का बिल कैबिनेट के सामने लाने का वादा किया था. लेकिन उसके बाद कैबिनेट की पांच मीटिंग्स हो गयी लेकिन अभी तक यह बिल कैबिनेट के सामने नहीं लाया गया. इससे नाराज समिति 15 जुलाई से शुरू हो रहे विधानमंडल के अधिवेशन के दौरान राज्य में आंदोलन करने का निर्णय ले सकती है. समिती की बैठक अगले सप्ताह मुंबई में हो रही है. पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति ने तालखेड़ के पत्रकार के उपर हुए हमले की निंदा की है.







