आई-नेक्स्ट से खबर है. खबर क्या है, गासिप है. कानाफूसी है. ब्राडिंग वाली मैडम और एडिटोरियल वाली मैडम के बीच एक बार किसी बात पर भिड़ंत हो गई. एक दिन क्या हुआ कि आई-नेक्स्ट के फोटोग्राफर महोदय ब्रांडिंग वाली मैडम से बात कर रहे थे. इसे देख लिया एडिटोरियल वाली मैडम ने. जाने क्या हुआ कि उन्होंने ब्रांडिंग वाली मैडम की ऐसी तैसी करनी शुरू कर दी. खूब खरी खोटी सुनाई, गालियां बकी.
देखते ही देखते दोनों में गालियों की आपसी बौछार शुरू हो गई. कोई मानने, शांत होने को तैयार नहीं. यह सब काफी देर तक चला, घंटे भर से ज्यादा. मजेदार यह कि यह सब कुछ आई-नेक्स्ट सुप्रीमो के सामने हो रहा था, लेकिन जाने क्यों वे अपने अधीनस्थ दोनों मैडम के झगड़े में खुद को लाचार पा रहे थे. सुप्रीमो साहब दोनों मैडमों को रोकते रहे लेकिन दोनों ने रुकने का नाम नहीं लिया. अंततः सुप्रीमो साहब को झगड़े वाला दर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम की निंदक लोग अपने अपने चश्मे और लेंस से व्याख्या करने में जुटे हैं. घटना कुछ दिन पुरानी है लेकिन इसके चर्चे करते हुए लोग आज भी जवान हो जाया करते हैं. (कानाफूसी)






