ये वीडियो इस मायने में देखने योग्य हैं कि अभी तक किसी न्यूज रूम में पुलिस की हिम्मत नहीं होती थी घुसने की और वहां कार्यरत पत्रकारों से बहस करने की. लेकिन ऐसा हुआ और इसके पीछे कारण बने पीके तिवारी. वही प्रमोद कुमार तिवारी जो महुआ के मालिक हैं. इन्होंने अपने पत्रकारों को सेलरी जब कई महीनों तक नहीं दी तो पत्रकारों ने न्यूज रूम कब्जा लिया और कहा कि घर नहीं जाएंगे, काम नहीं करेंगे, पहले सेलरी दो.
इन पत्रकारों के समर्थन में भड़ास समेत कई संगठनों, साइटों और पत्रकारों ने महुआ आफिस के बाहर आकर प्रदर्शन किया. इससे घबराए पीके तिवारी ने पुलिस को सेट किया और न्यूज रूम में घुसा दिया. वहां कार्यरत पत्रकारों ने अपने अपने मोबाइल कैमरों से वीडियो तैयार किया. ये दो वीडियो जरूर देखें…
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