Abhijeet Kumar : स्ट्रिंगरों का पैसा हड़प जाने के साथ-साथ पी.के. तिवारी आम लोगों के खून-पसीने की कमाई को भी डकारने की फिराक में हैं. शायद यह बात बिहार के बाहर के लोग नहीं जान रहे होंगे। बिहार के मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी सहित आठ जिलों में महुआ ने अपना चिटफंड कंपनी का ऑफिस खोल रखा है और पटना के जी.बी. मॉल में इसका शानदार हेड ऑफिस है।
पहले तो इन्होंने "महुआ प्रोजेक्ट एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड" नाम से चिटफंड खोला और लोगों से काफी रुपये बटोरे पर जब जुलाई 2013 में बिहार सरकार ने चिटफंड कंपनियों पर दबिश बनाया और धर-पकड़ करना शुरू किया तो शातिर पी.के. तिवारी और उनके लोग बिहार सरकार से "महुआ संयुक्त दायित्व समूह विकास सहकारी समिति लिमिटेड" नाम से एक कम्पनी का निबंधन करवाकर फिर से लोगों के खून-पसीने की कमाई को बटोरने के फिराक में लग गये हैं।
16 अप्रैल 2013 को विधिवत रूप से मधुबनी में इस चिटफंड कम्पनी का ऑफिस खोला गया था, जिसका बाद में नाम बदल दिया गया। "महुआ" की लोकप्रियता के बल पर इन लोगों ने आम लोगों को बहलाना-फुसलाना शुरू किया और इसके लिए महुआ न्यूज़ के स्ट्रिंगरों और रिपोर्टरों से सहयोग माँगा गया। पर स्ट्रिंगरों ने परख लिया कि ये कंपनी लोगों के रुपयों को लेकर चम्पत हो जाएगी और स्ट्रिंगर आम लोगों के बीच बलि का बकरा बन जाएगा, इसीलिए स्ट्रिंगरों ने इस काम में सहयोग करने से साफ़ इंकार कर दिया था।


महुआ न्यूज़ बंद हो जाने और महुआ न्यूज़ के स्ट्रिंगरों के लाखों रुपये बकाया होने की खबर फैलने के बाद इस कंपनी में जितने भी लोगों ने अपना पैसा लगाया है, वो अब कंपनी से अपने पैसे वापस मांगने लगे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अब महुआ की इस कंपनी पर कोई भरोसा नहीं रहा। निवेशकों का कहना है कि जो कंपनी अपने चैनल में कार्यरत पत्रकारों के साथ चीट कर सकती है तो वो लोगों के पैसे भी लेकर कभी भी भाग सकती है।
महुआ न्यूज और इसके मालिक पीके तिवारी पर मुकदमा करने वाले मधुबनी जिले के युवा व तेजतर्रार पत्रकार अभिजीत कुमार के फेसबुक वॉल से.
इन्हें भी पढ़ें…
पीके तिवारी और मीना तिवारी को महुआ न्यूज के रिपोर्टर अभिजीत कुमार ने भेजा लीगल नोटिस
xxx
पीके तिवारी समेत महुआ के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
xxx
'महुआ न्यूज' के न्यूज रूम में पुलिस घुसने से संबंधित दो वीडियो






