: एक दूसरे से मिलकर बांटा अपना दुःख : रायगढ़ : दरभा घाटी के नक्सली हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के दबंग नेता बस्तर टाइगर शहीद महेन्द्र कर्मा की पत्नी श्रीमती देवती कर्मा, पुत्र दीपक कर्मा व आशीष कर्मा एवं पुत्री वर्षा कर्मा रायगढ़ जिला के खरसिया विधानसभा में नंदेली पहुंचकर नक्सली हमले में शहीद हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंद कुमार पटेल एवं दिनेश पटेल के परिजनों से मिलकर एक दूसरे का दुख बांटा। महेन्द्र कर्मा का परिवार कार द्वारा प्रातः 11 बजे नंदेली पहुंचे।
दोनों परिवार के बीच लगभग आधा घंटा व्यक्तिगत चर्चा हुई। महेन्द्र कर्मा की पत्नी एवं पुत्री ने नंद कुमार पटेल की पत्नी श्रीमती नीला पटेल एवं पुत्रवधु भावना पटेल तथा उनकी बेटियों के साथ बैठकर चर्चा करते हुए एक दूसरे के दुखदर्द को महसूस किया। महेन्द्र कर्मा के पुत्र द्वय दीपक एवं आशीष, उमेश के साथ बैठकर एक दूसरे का दुख बांटे। दोनो शहीद परिवार के लोगों का एक साथ मिलना अत्यंत भावपूर्ण दृष्य था। व्यक्तिगत संपर्क एवं चर्चा के बाद दीपक कर्मा एवं उमेश ने मीडिया से चर्चा करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया तथा कहा कि यह एक पारिवारिक सौजन्य मुलाकात है तथा हम इस भेंट के माध्यम से अपने अंतर्मन की भावनाओं से एक दूसरे का दुख बांट रहे हैं।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दीपक कर्मा ने कहा कि नक्सली कायर हैं जो हथियारों के बल पर तरह-तहर की अनर्गल बातें और धमकियां देते रहते हैं। मैं धमकियों से विचलित नही हूं। भविष्य में राजनीतिक क्षेत्र में अपने पिता की भूमिका को निभाने की संभावना के बारे में पत्रकारों द्वारा किए गए सवाल के जवाब में दीपक का कहना था कि वे कांग्रेस पार्टी के आलाकमान के निर्देशों और छत्तीसगढ़ की जनता के अपेक्षा पर खरा उतरने में पूरी तरह से समर्पित रहेंगे। नक्सलियों द्वारा उनके परिवार को दी गई धमकी तथा शासन की ओर से दी गई सुरक्षा व्यवस्था के विषय में भी दीपक कर्मा ने संतुलित और सधा हुआ जवाब दिया।
इस दौरान शहीद नंद कुमार पटेल के पुत्र उमेश पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आज हमारे बीच स्व. महेन्द्र कर्मा जी के परिवार ने आकर एक पारिवारिक करीबी होने का अहसास दिलाया है और हम दोनों परिवार का दर्द एक ही है। उनके आने से हमारे परिवार को संबल मिला है। उमेश पटेल ने खरसिया विधानसभा क्षेत्र में अपने पिता द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्यक्षेत्र एवं लोगों के बीच अपनत्व की भावना को बनाए रखने का भरोसा देते हुए भविष्य में कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी को इमानदारी के साथ निभाने का भरोसा दिलाया। अपने स्व. पिता के विरासत को संभालने एवं जनभावना का सम्मान करते हुए पार्टी आलाकमान के निर्देश पर अपने आप को खरा उतारने की भी मंशा व्यक्त की।
भोजराम पटेल की रिपोर्ट.






