भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति बृज किशोर कुठियाला अपने गतिविधियों से संघ और भाजपा को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं, जिसके चलते मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी किरकिरी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, इस सबको देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि फरवरी माह में विधान सभा सत्र खत्म होने के बाद मार्च महीने में प्रो. रामदेव भारद्वाज को प्रभारी कुलपति का प्रभार सौंप दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय में कुलपति कुठियाला की पकड़ लगातार ढीली हो रही है। कर्मचारियों के सामने घुटने टेक चुके कुलपति संघ से आये प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे दीपक शर्मा को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों द्वारा भगा दिए जाने के तीन महीने बाद भी उनकी वापसी कराने में असफल रहे हैं, कुलपति के इस रवैये से संघ काफी परेशान है। दूसरी ओर, कुलपति ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के करीबी लोगों को भी विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिससे सरकार के आला अधिकारी भी काफी नाराज चल रहे हैं।
सरकार और संघ की नजरों में अवसरवादी कुठियाला को विधानसभा चुनाव से पहले-पहले विदा करके मध्यप्रदेश से ही माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति की जाय, इस पर चर्चा तेज हो गयी है। उधर, विपक्ष के नेता कुठियाला की भोग-विलासिता को लेकर वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को उठा रहे हैं और इसे सियासी मुद्दा बनाने में जुट गए हैं। मांग में प्रमुख आपत्तियों को उठाया जा रहा है, मसलन- कुलपति पद पर रहते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से भी सेवानिवृत्ति वेतन लेना, विश्वविद्यालय के नियमों (कलेक्टरेट रेट) को ताक पर रखते हुए 25 हजार रुपए मासिक पर कुलपति आवास का लेना, विश्वविद्यालय के खर्चे पर परिवार की विदेश यात्रा, विश्वविद्यालय के धन का परिवार और रिश्तेदारों के निजी कार्यक्रमों में दुरुपयोग करना, चंडीगढ़ में अपने आंख के महंगे ईलाज के लिए हवाई यात्रा कर विश्वविद्यालय धन का दुरुपयोग आदि।






