लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय सचिव एवं बीजेपी की भ्रष्टाचार उजागर समिति के अध्यक्ष किरीट सोमैया ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार ने पांच साल के भीतर 10,000 करोड़ रुपये के मालिक कैसे बन गए, इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि आखिर उनके पास ऐसा कौन सा जादुई नुस्खा है, जो इतने पैसे कमा लिए।
लखनऊ में भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सोमैया ने एक बार फिर मायावती के भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्रलता पर गम्भीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि मायावती का सीएम के रूप में कार्यकाल शुरू होने के पहले जिस आनंद कुमार के पास एक जनवरी 2007 तक केवल पांच कंपनियां थी, आज उसी आनंद कुमार के पास पांच साल बाद एक जनवरी 2012 को 300 से अधिक कंपनियां कैसे हो गईं।
सोमैया ने ये भी कहा कि पांच साल पहले आनंद के पांचों कंपनियों में कुल पांच करोड़ रुपये से भी कम की सम्पत्ति थी, लेकिन अगले पांच सालों में उनकी कंपनियों में दस हजार करोड़ रुपये कहां से आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंनद कुमार की इन फर्जी कंपनियों में ही मायावती सरकार ने पांच वर्षों तक अवैध तरीके से वित्तीय लेनदेन किया, जिससे कंपनियों की परिसम्मतियां दस हजार करोड़ तक पहुंच गई है।
किरीट ने कहा कि इसके अलावा पिछले छह महीने के अंदर दर्जनों नई कंपनियां मायावती के परिवार और रिश्तेदारों द्वारा खोली गई हैं तथा फर्जी कंपिनयों में जमा किए गए धन को अब बड़ी तेजी से होटलों तथा जमीनों में निवेश किया जा रहा है तथा दूसरे बैंकों में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं मायावती से पूछना चाहता हूं कि जिस तरह उनके भाई आनंद ने पांच साल में दस हजार करोड़ रुपये कमा लिए, उसी तरह का नुस्खा वह दलितों-पिछड़ों को क्यों नहीं बताती ताकि इन लोगों का भी थोड़ा कल्याण हो जाता।






