श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर अम्बरीश कुमार को लगता है मीडियाकर्मियों से डर है। यहां तक कि मीडियाकर्मियों के कैमरे से भी उन्हें बहुत बड़ी परेशानी है। तभी तो जिला कलेक्टर द्वारा बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में जब मीडियाकर्मियों ने कैमरे निकाले, तो कलक्टर साहब ऐसे चमके जैसे मीडिया कर्मियों के हाथों में कैमरे ना होकर चप्पल हो, जो कभी भी उन पर फेंक सकते हैं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से तत्काल कैमरे बंद करने का कह दिया।
कलक्टर का यह कहना साफ दर्शाता है कि वे या तो ऐसी किसी बात को लोगों तक पहुंचाने से डरते हैं, जिससे वे स्वयं कोई विवादों के घेरे में आ जाएं, या फिर कैमरे से ही परहेज है। यहां यह बात याद दिलानी बहुत जरूरी होगा कि देश में मंत्रियों द्वारा बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में चप्पलें फेंकने की घटनाएं हो चुकी हैं। ये घटनाएं काफी दिनों तक चर्चित भी रहीं, लेकिन किसी भी मंत्री, विधायक या उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों ने मीडियाकर्मियों को कैमरे बंद रखने के लिए नहीं कहा। संभवत: यह पहला मामला होगा, जब एक जिम्मेदार पद पर बैठे जिला कलक्टर ने मीडियाकर्मियों के कैमरों से डर लगा।
जयप्रकाश मील
श्रीगंगानगर
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