नई दिल्ली : पत्रकारों और मीडिया कार्यालयों पर हालिया दिनों में हुए ताबड़तोड़ हमलों पर नाराजगी जाहिर करते हुए भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने केंद्र और राज्य सरकारों को कड़ा पत्र भेजा है। काटजू ने सरकारों को आगाह किया है कि प्रेस की आजादी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काटजू ने कहा कि जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए जल्द ही संबंधित राज्यों में दल भेजे जाएंगे। परिषद के सदस्यों से सलाह मशविरा कर जल्द ही और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
काटजू ने माना कि कुछ राज्यों में मीडिया की आजादी को वास्तविक खतरा है जहां से हमें बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। हाल ही मुंबई में एक अंग्रेजी अखबार के कार्यालय पर हमला हुआ था। इसके पहले जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ में भी पत्रकारों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। काटजू ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर प्रेस परिषद के सदस्यों की राय मांगी है। पत्रकारों, मीडिया प्रतिष्ठान के कर्मचारियों और पर हुए शारीरिक हमले की घटनाओं पर उचित कार्रवाई न करने पर काटजू ने संबंधित राज्य सरकारों की आलोचना की। काटजू ने इस संबंध में जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है।
काटजू ने कहा कि उन्होंने पत्रकारों की मान्यता के संबंध में बनाए गए नियमों पर नाखुशी जाहिर करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। काटजू ने कहा कि उन्हें ऐसी खबरें मिली हैं जिनसे पता चलता है कि वहां मीडिया की आजादी को तमाम कानूनी दांवपेंचों के जरिए दबाने की कोशिश हो रही है। काटजू ने मीडिया की आजादी पर हमले पर चिंता जताते हुए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों, सूचना विभाग के सचिवों को बयान की प्रतिलिपि भेजी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी और महकमे के सचिव उदय कुमार वर्मा को बयान की कॉपी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों पर हो रहे हमलों में अभी तक प्रशासन की निष्क्रियता रही है। (एजेंसी)






