बेंगलूर : कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े मीडिया के कामकाज पर कुछ कानूनी नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने इसके पीछे पेड न्यूज जैसे कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रजातंत्र के चौथे खंभे का इस्तेमाल निहित स्वार्थो के लिए किया जा रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने भी मीडिया के कामकाज को कानूनी नियमों के दायरे में लाने की वकालत की थी।
हेगड़े ने कहा कि मीडियाकर्मियों को भी झूठी और दमनात्मक खबरों पर रोक के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। मीडिया के कामकाज पर थोड़ा नियंत्रण का समर्थन करते हुए हेगड़े ने कहा कि ऐसे कई वाकये हुए हैं जब मीडिया का इस्तेमाल कुछ निहित स्वार्थो के लिए किया गया। नीरा राडिया और रतन टाटा के बीच की बातचीत वाले प्रकरण से कुछ ऐसी ही धारणा बनी। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, हां.मीडिया में कुछ चीजें बिकाऊ हैं।
उन्होंने हाल में एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का उल्लेख किया जिसमें पूर्व लोकायुक्त एसपी मधुकर शेट्टी ने कहा था कि कर्नाटक की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी खुद भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है और इस एजेंसी में भी भ्रष्ट लोग हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या शेट्टी की टिप्पणी के चार माह बाद उस रिपोर्ट को जारी करना ईमानदार पत्रकारिता है। साभार : एजेंसी





