: बोनस मांगने वालों को कांग्रेसी बताया : सीएम की सभा में हंगामा : नाराज किसानों ने नहीं देने दिया भाषण : धमतरी एसपी और एसडीएम को हटाया, पीडब्ल्यूडी के ईई, एसडीओ और टीआई मगरलोड भी निलम्बित : धमतरी : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सामने शनिवार को किसानों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। किसान धान पर २७० रुपए बोनस की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस विधायक लेखराम साहू समेत करीब पांच सौ किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम खट्टी में आयोजित एक कार्यक्रम में यह हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री के सामने हुए इस हंगामे को प्रशासनिक विफलता मानते हुए सरकार ने धमतरी एसपी अविनाश मोहंती तथा एसडीएम बीएल गजपाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
इसी मामले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता पीके वर्मा, एसडीओ तोरणलाल ठाकुर तथा मगरलोड के टीआई जावेद मियांदाद को निलम्बित कर दिया गया है। ग्राम खट्टी में करोड़ों की लागत से निर्मित विभिन्न सिंचाई योजनाओं और विकास कार्यों का लोकार्पण करने का मुख्यमंत्री आए थे। उनके साथ सांसद चंदूलाल साहू, सोहन पोटाई, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और हेमचंद यादव भी थे। मुख्यमंत्री की सभा में कुछ किसानों ने बोनस की मांग उठाई। किसानों ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करने को कहा।
इससे मुख्यमंत्री खीज गए। उन्होंने झल्लाते हुए कड़े तेवर में कहा कि सभा में बोनस की मांग करने वाले किसान नहीं है, बल्कि कांग्रेसी हैं। इसके बाद किसान भड़क गए और वहां नारेबाजी करने लगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भाषण देने नहीं दिया। सांसद और मंत्री भी अपनी बात नहीं कह पाए। किसानों का कहना है कि जिस स्थान पर एनीकट बनाया गया है, वह अव्यवहारिक है। किसानों के हंगामे के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और मुख्यमंत्री को सुरक्षा के घेरे में वहां से बाहर किया गया। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रमुख सचिव गृह व जल संसाधन एनके असवाल ने अधिकारियों पर कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि आदेश सोमवार को जारी किया जाएगा। एसपी अविनाश मोहंती को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर अभी किसी को भी धमतरी नहीं भेजा गया है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अजय चंद्राकर ने सीएम को उलाहना दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सुराज अभियान के दौरान क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने की थी। वे घोषणाएं अब तक अधूरी हैं। उन्होंने आशान्वित होकर कहा कि अधूरी घोषणाएं इस बार मुख्यमंत्री के माध्यम से पूरी हो जाएंगी और क्षेत्रवासियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बात को लेकर सभा के दौरान लोगों में चर्चा होती रही कि किसी तरह अपनों ने ही महफिल में नाराजगी जता दी।
साभार : पत्रिका





