खुर्शीद अनवर इंस्टीट्यूट फॉर सोशल डिमॉक्रेसी नामक एनजीओ में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. उनसे जुड़े लोगों का कहना है कि बलात्कार का आरोप लगने के बाद वह काफी परेशान थे. बुधवार सुबह उन्होंने अपने घर की छत से छलांग लगा ली. इसके बाद आनन-फानन में उन्हें एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
उन पर आरोप था कि पिछले साल दिल्ली गैंगरेप के बाद इंडिया गेट पर हुए विरोध-प्रदर्शन में ऐक्टिव रोल निभाने वाली युवती और एनजीओ के अन्य सदस्यों को उन्होंने अपने घर डिनर पर बुलाया था और बाद में उसके साथ रेप किया. युवती के मुताबिक उसने इस बारे में जब अपने एनजीओ के सीनियर्स को बताया, तो उन्होंने उसकी कोई मदद नहीं की.
पिछले दिनों इस युवती ने एक टीवी चैनल को बताया, 'मुझे कहा गया कि एफआईआर करेंगे तो सालोंसाल लग जाएंगे.' हालात से निराश होकर युवती अपने प्रदेश लौट गई थी. मीडिया में यह बात सामने आने के बाद महिला आयोग की शिकायत पर वसंत कुंज थाने में आईपीसी की धारा 376, 328 के तहत केस दर्ज किया गया.
खुर्शीद अनवर के करीबी लोगों का कहना है कि इस मामले में वह मीडिया ट्रायल से काफी व्यथित थे. पहले सोशल मीडिया और अब इंडिया टीवी पर लड़की के लिए कथित न्याय की लड़ाई शुरू किए जाने के बाद से खुर्शीद अनवर परेशान हो गए थे. बीच में उन्होंने अपना फेसबुक एकाउंट भी डीएक्टीवेट कर लिया था.






