महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर बढ़ते हमले और हाल ही में मराठी चैनलों के दो एडिटर के विरोध मे विधान मंडल में पेश किया गया विशेषाधिकार हनन (हक भंग) प्रस्ताव के विरोध में महाराष्ट्र के सभी जिला और तहसील में पत्रकार आंदोलन कर रहे हैं. महाराष्ट्र में पिछले 20 दिन में 10 पत्रकार पीटे गये हैं. पूर्णा मे एक पत्रकार के सारे परिवार के उपर ऍसिड डाल के उन्हें जलाने की कोशिश की गई. इस कांड के मास्टर माइंड आौर शहर कांग्रेस का मुखिया सैय्यद अली सय्यद हसन को वारदात के 15 दिन बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है.
गंगाखेड के पत्रकार गंगाधर कांबले के उपर हमला कर के उसी के उपर फर्जी केस किया गया है. इस कांड के अभियुक्त अभी भी खुले आम घुम रहे हैं. गेवराई में एक पत्रकार पीटा गया. नई मुंबई में आसाराम बापू के भक्तों ने पत्रकार पर पत्थरबाजी की, उस में दो पत्रकार गंभीर रूप से जख्मी हुये. इधर मुंबई में संपादक निखिल वागले आौर राजीव खांडेकर के उपर हक भंग प्रस्ताव लाया गया. इस के विरोध में महाराष्ट्र के पत्रकार जगत में काफी गुस्सा है.
महाराष्ट्र के पत्रकार वागले और खांडेकर के उपर दर्ज किया गया हक भंग प्रस्ताव खारिज करने की मांग कर रहे हैं. इसके विरोध में महाराष्ट्र के 35 जिले में से 28 जिलों में पत्रकारों ने महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी ऍक्शन कमिटी के आवाहन पर आंदोलन किया. रायगढ़, नई मुंबई, औरंगाबाद, अहमदनगर, धुलिया, जलगांव, बुलढाणा आदि जगहों पर आंदोलन को अच्छा रिस्पांस मिला. महाराष्ट्र में पत्रकारों के विरोध मे चल रही मुहिम का पूरे ताकत से मुकाबला करने का संकल्प पत्रकार हमला विरोधी ऍक्शन कमिटी के अध्यक्ष एसएम देशमुखने लिया है.






