नई दिल्ली। मीडिया मामलों के प्रमुख हस्ती प्रोफेसर राबिन जेफरी ने कहा कि भारतीय मीडिया में अनुसूचित जाति और अनुसूचिज जनजाति के लोगों का प्रतिनिधित्व दिये जाने की जरूरत है। जेफरी ने कहा कि प्रसारण स्टूडियो में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व कम है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से दलित और आदिवासी मुख्यधारा से कटे रहे हैं और यह समस्या अभी भी बरकरार है। जेफरी ने कहा कि भारतीयों को उस मार्ग पर चलना चाहिए जिसपर अमेरिकी समाचारपत्र सोसाइटी 35 वर्ष पहले चली थी।





