केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह का कहना है कि यह एक सर्व-विदित तथ्य है कि सरकार मीडिया को प्रभावित करने के लिए विज्ञापन देने के अपने अधिकारों का दुरुपयोग करती है। अखबारों की भूमिका विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में सिंह ने कहा कि प्रेस परिषद के एक अध्यक्ष ने एक दफा कहा था कि मीडिया को प्रभावित करने के लिए सरकार विज्ञापन देने के अपने अधिकार का दुरुपयोग करती है। यह एक सर्व-विदित तथ्य है, हमें इसे स्वीकार करने के लिए किसी खुफिया तंत्र की जरूरत नहीं है।
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे सिंह ने कहा कि विपक्षी दल प्रेस की आजादी की बातें करते हैं लेकिन जब उन्हें सत्ता में आने का मौका मिलता है तो वे इसे भुला देते हैं। सीबीआई के पूर्व निदेशक ने कहा कि देश भर में करीब 13 लाख अखबार प्रकाशित होते हैं और इनमें से केवल कुछ ही अच्छे हैं, बाकी तो सिर्फ सरकारी विग्यापन पाने के लिए चलाए जा रहे हैं।
सिंह ने कहा, समस्या उस वक्त पेश आती है जब कोलकाता से प्रकाशित होने वाले किसी अखबार के संपादक के खिलाफ कश्मीर में मामला दर्ज होता है। इसका मतलब है कि संपादक को मुकदमे के सिलसिले में इतनी दूर जाना पड़ेगा । किसी सरकार ने यह नहीं सोचा कि इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, पूर्व न्यायाधीश ओ पी वर्मा ने कहा कि किसी अखबार का प्रसार तभी बढ़ता है जब वह सभी खबरें देता है और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखता है। (पीएस)