नई दिल्ली: एक नाबालिग पर यौन हमले के आरोप में जेल की हवा खा रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हो रही मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि वह इस तरह कोई रोक नहीं लगा सकता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले से ही मीडिया के लिए गाइडलाइन है। कोर्ट ने मीडिया से भी कहा है कि इस तरह के मामलों में रिपोर्टिंग के वक्त मीडिया को भी सावधानी बरतनी चाहिए। कोर्ट ने मीडिया को सलाह दी कि वह इस केस से संबंधित रिपोर्टिग पूरी जिम्मेदारी और पुराने गाइडलाइन के मुताबिक करे।
गौरतलब है कि आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके यह मांग की थी कि उनके खिलाफ मीडिया दुष्प्रचार कर रहा है जिसकी रिपोर्टिग पर रोकी लगाई जाए। इस अर्जी पर सुनवाई के बाद आसाराम के वकीलों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में हम लोगों ने मीडिया ट्रायल के खिलाफ याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा है कि मीडिया को गाइडलाइन को फॉलो करना होगा। हमें कोर्ट ने छूट दी है कि अगर मीडिया फॉलो नहीं करता है तो हम कोर्ट में शिकायत के लिए स्वतंत्र हैं।
नाबालिग से यौन शोषण के आरोपों में घिरे आसाराम फिलहाल ट्रांजिट रिमांड पर हैं। अहमदाबाद पुलिस उनसे सूरत में दो लड़कियों के साथ हुए रेप केस के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। वहीं, अहमदाबाद में आसाराम की पत्नी लक्ष्मी और बेटी भारती को पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। आसाराम के रसोइया अखिल से पूछताछ पूरी हो चुकी है। उधर, सूरत कोर्ट में नारायण साई की अग्रिम जमानत पर फैसला आ सकता है। हो सकता है कि सूरत पुलिस साई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की कोर्ट में अर्जी दे।





