वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार पिछले आठ साल से साहित्य की चर्चित व नंबर वन मैग्जीन 'हंस' में मीडिया पर स्तंभ लिख रहे थे. पर 'हंस' के संपादक राजेंद्र यादव ने अब यह स्तंभ बंद करने का फैसला लिया है. उन्होंने इसके पीछे कारण हंस में कुछ बदलाव करना बताया है. उधर, साहित्य की एक मैग्जीन 'साखी' ने मुकेश कुमार को अपने यहां मीडिया पर स्तंभ लिखने के लिए आमंत्रित किया है, जिसे मुकेश ने स्वीकार कर लिया है.
मुकेश कुमार ने इस बदलाव के बाबत फेसबुक पर अपनी तरफ से एक टिप्पणी दी है, जो इस प्रकार है…
Mukesh Kumar : एक ज़रूरी सूचना.. हंस में पिछले आठ साल से चल रहा मीडिया पर मेरा स्तंभ अब पाखी में पढ़िए। राजेंद्र यादव जी हंस में कुछ बदलाव करना चाहते थे, लिहाज़ा ये परिवर्तन हुआ। उम्मीद है कि कसौटी के पाठक पाखी के मीडिया मीमांसा को भी उतना ही पसंद करेंगे। इस स्तंभ को इतने लंबे समय तक चलाने के लिए राजेंद्र यादव जी का बहुत-बहुत आभार। प्रेम भारद्वाज जी का भी शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने इसे जारी रखने में दिलचस्पी दिखाई।






