यह सवाल उठाया है भास्कर डाट काम से जुड़े एक पत्रकार ने. उसने मय सुबूत भड़ास के पास एक मेल भेजा है जिसमें साफ-साफ आरोप विजय झा पर लगाया है कि उन्होंने जाने किन वजहों से दो रिपोर्टरों तारिक अनवर और ख्यायम खान की मौके से जाकर भेजी गई रिपोर्टों को छापने से अपने मातहतों को मना कर दिया. भास्कर डॉट कॉम को पोर्नकारिता और मोदी के चुनाव अभियान का मुखपत्र बनाने वाले विजय कुमार झा की मानसिकता का साफ नमूना है आज के भास्कर डॉट कॉम और डेली भास्कर डॉट कॉम की खबरें.
डेली भास्कर के दो रिपोर्टर तारिक अनवर और ख्यायम खान ने मुजफ्फरनगर जाकर शानदार कवरेज की. इन्होंने रिलीफ कैंपों, प्रदेश सरकार के एक्शन और वहां के कई गावों में नाबालिगों के साथ हुए गैंगरेप की खबरों को कवर किया जो अब तक अनछुई हैं. सुदूर क्षेत्र में इंटरनेट नहीं मिलने पर इन्होंने पहले दिन तो रिपोर्ट तैयार की और अगले दिन उसे पब्लिश करने के लिए भास्कर की हिंदी और अंग्रेजी वेबसाइट्स दोनों को भेजा था. डेली भास्कर ने तो इस एक्सक्लूजिव खबर को प्रमुखता से पहले नंबर पर प्रकाशित किया लेकिन पूरा दिन बीतने पर भी विजय कुमार झा ने अपने मातहतों को सख्त ताकीद देकर ऐसी खबरें चलाने से मना किया और दिन भर सोनिया-राहुल-अखिलेश के दौरे की रूटीन खबर चलाई.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






